मंगलवार, 25 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
इकोनॉमी

शेयर बाज़ार: लगातार गिरावट के बाद लौटी रौनक, कच्चे तेल में नरमी से सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में बंद

पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट से उबरते हुए भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच घरेलू बेंचमार्क सूचकांकों में…

शेयर बाज़ार: लगातार गिरावट के बाद लौटी रौनक, कच्चे तेल में नरमी से सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में बंद
(फोटो: IANS)

पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट से उबरते हुए भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच घरेलू बेंचमार्क सूचकांकों में लगभग आधा प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बढ़त का नेतृत्व फार्मा और सरकारी बैंकों के शेयरों ने किया।

विज्ञापन

मंगलवार को कारोबार खत्म होने पर 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 286.98 अंक (0.37%) की बढ़त के साथ 77,656.09 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 सूचकांक 116 अंक (0.48%) चढ़कर 24,335.55 के स्तर पर पहुंच गया।

दिनभर कैसा रहा कारोबार का हाल?

हालांकि, दिन की शुरुआत सपाट रही थी। सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,369.11 के मुकाबले 73.61 अंक गिरकर 77,295.49 पर खुला था, लेकिन कारोबार के दौरान इसने 77,666.39 का उच्चतम स्तर भी छुआ। इसी तरह, निफ्टी भी 43.29 अंक की मामूली गिरावट के साथ 24,175.75 पर खुला, पर दिन में 24,334.55 के ऊपरी स्तर तक पहुंचा।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों का असर उम्मीद से कम रहा, जिससे कच्चे तेल की कीमतें और बॉन्ड यील्ड अपने हालिया ऊंचे स्तर से नीचे आ गए। ऊर्जा लागत में मिली इस राहत ने बाजार को मजबूती दी।

सेक्टर और शेयरों का प्रदर्शन

व्यापक बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 0.54% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.10% की गिरावट आई। सेक्टर के लिहाज से निफ्टी हेल्थकेयर, फार्मा और पीएसयू बैंक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सूचकांक रहे। वहीं, निफ्टी प्राइवेट बैंक और मेटल में कमजोरी देखी गई।

निफ्टी 50 में अदाणी एंटरप्राइजेज, मैक्स हेल्थकेयर, अपोलो हॉस्पिटल्स और इंफोसिस के शेयर शीर्ष पर रहे, जबकि एचडीएफसी लाइफ, सिप्ला और ओएनजीसी के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक अब महंगाई के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष की टिप्पणियों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे ब्याज दरों को लेकर तस्वीर और साफ हो सकेगी।

इनपुट: IANS

N

News4Social बिज़नेस डेस्क

News4Social बिज़नेस डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से कारोबार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →