गोवा: 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर करोड़ों की ठगी का खुलासा, ईडी ने दो को किया गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ठगकर उसे विदेशी मुद्रा में बदल रहा था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट…
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ठगकर उसे विदेशी मुद्रा में बदल रहा था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान फहीम मोइन हुसैन सैयद और नईम मुइन सैयद के रूप में हुई है।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब उत्तरी गोवा की एक महिला ने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता को ठगों ने 21 मई से 2 जून के बीच लगातार वीडियो कॉल पर रखकर 'डिजिटल अरेस्ट' में होने का झांसा दिया। इस दौरान उसे एक 'सीक्रेट सुपरविजन अकाउंट' में पैसे भेजने के लिए मजबूर किया गया, जिससे महिला को कुल 2.60 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
400 से ज़्यादा खातों का जाल
ईडी की जांच में पता चला कि यह एक संगठित नेटवर्क था। धोखाधड़ी से मिली रकम को कुछ ही घंटों में 400 से ज़्यादा बैंक खातों में फैला दिया गया। इसके लिए नए और बंद पड़े खातों का इस्तेमाल किया गया और पैसे को ट्रांसफर, नकद निकासी, सेल्फ चेक और पेमेंट गेटवे के ज़रिए घुमाया गया। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क ने आरबीआई से लाइसेंस प्राप्त मनी चेंजरों के ज़रिए ठगी के पैसे को नकद और विदेशी मुद्रा में भी बदला।
देशभर में फैला था नेटवर्क
जांच में ट्रेडिंग, ट्रैवल और फॉरेन एक्सचेंज कंपनियों का एक आपस में जुड़ा नेटवर्क मिला, जिसने 27,850 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक लेनदेन किया था। इन कंपनियों के बैंक खाते देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज 163 एफआईआर और 330 शिकायतों से जुड़े पाए गए, जिनमें कुल 417.49 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। गिरोह ने ड्राइवरों और कर्मचारियों जैसे आम लोगों के नाम पर फ़र्ज़ी कंपनियां बनाकर उन्हें डमी डायरेक्टर बनाया, जबकि असल नियंत्रण कहीं और से होता था।
ईडी की कार्रवाई और बरामदगी
इस मामले में ईडी ने 17 जुलाई और 21 अगस्त को मुंबई और गोवा में 20 जगहों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में 3.25 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए और 30 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक राशि को फ्रीज कर दिया गया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को रविवार को पकड़ा गया और सोमवार को गोवा की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 29 अगस्त तक पांच दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया गया है।
इनपुट: IANS



