CBI की बड़ी कार्रवाई: सालों से फ़रार दो 'घोषित अपराधी' गिरफ़्तार, बैंकों को लगाया था करोड़ों का चूना
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बैंक धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में दो ऐसे भगोड़ों को गिरफ़्तार किया है, जो कई सालों से कानून को चकमा दे रहे थे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इनमें से एक आरोपी 17…
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बैंक धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में दो ऐसे भगोड़ों को गिरफ़्तार किया है, जो कई सालों से कानून को चकमा दे रहे थे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इनमें से एक आरोपी 17 साल से फ़रार था, जबकि दूसरा चार साल से पकड़ से बाहर था। सीबीआई ने इन्हें दिल्ली और पंजाब से गिरफ़्तार किया है।
एजेंसी ने बताया कि आर्थिक अपराधों में शामिल आरोपियों को कानून के दायरे में लाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
17 साल बाद पकड़ा गया होम लोन घोटाले का आरोपी
गिरफ़्तार किए गए पहले आरोपी की पहचान जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है। उस पर 2002-03 में जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से फ़र्ज़ी वेतन प्रमाणपत्रों के आधार पर होम लोन लेने का आरोप है। इस धोखाधड़ी के कारण वित्तीय संस्थान को लगभग 65.90 लाख रुपये का नुक़सान हुआ था। लोन मिलने के तुरंत बाद ही खाता नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) घोषित कर दिया गया था।
इस मामले में 2006 में जितेंद्र समेत 19 लोगों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाख़िल हुई थी। लेकिन, वह 2009 से अदालत में पेश नहीं हो रहा था, जिसके बाद जनवरी 2013 में उसे 'घोषित अपराधी' करार दिया गया। सीबीआई ने लगातार प्रयासों के बाद मंगलवार को उसे नई दिल्ली के द्वारका मोड़ इलाक़े से दबोच लिया।
10 करोड़ की धोखाधड़ी में शामिल महिला भी गिरफ़्तार
दूसरे मामले में, सीबीआई ने पूजा पाहवा नाम की एक महिला को गिरफ़्तार किया है। उस पर इंडियन ओवरसीज बैंक से मिली कैश क्रेडिट सुविधा का दुरुपयोग करने और धन की हेराफेरी का आरोप है। जांच के मुताबिक, यह सुविधा फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर हासिल की गई थी, जिससे बैंक को 10.16 करोड़ रुपये का नुक़सान हुआ। यह खाता 2012 में NPA हो गया था।
सीबीआई ने 2017 में पूजा पाहवा सहित छह आरोपियों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाख़िल की थी। बाद में, लाभार्थी कंपनी के साथ साज़िश रचने के आरोप में चार बैंक अधिकारियों के ख़िलाफ़ एक पूरक चार्जशीट भी दायर की गई। पूजा 2022 से अदालत में पेश नहीं हो रही थी और 2023 में उसे घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया। उसे 4 अगस्त को पंजाब के लुधियाना से गिरफ़्तार किया गया और वह फ़िलहाल न्यायिक हिरासत में है।
इनपुट: IANS



