मंगलवार, 25 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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भारत में तेल-गैस की खोज: सरकार ने ExxonMobil को दिया निवेश का न्योता, 1.8 लाख वर्ग किमी के ब्लॉक नीलामी पर

भारत अपने ऊर्जा क्षेत्र में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए बड़े कदम उठा रहा है। इसी सिलसिले में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने तेल और गैस की खोज से जुड़े अवसरों पर चर्चा…

भारत में तेल-गैस की खोज: सरकार ने ExxonMobil को दिया निवेश का न्योता, 1.8 लाख वर्ग किमी के ब्लॉक नीलामी पर
(फोटो: IANS)

भारत अपने ऊर्जा क्षेत्र में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए बड़े कदम उठा रहा है। इसी सिलसिले में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने तेल और गैस की खोज से जुड़े अवसरों पर चर्चा के लिए वैश्विक दिग्गज एक्सॉनमोबिल (ExxonMobil) के भारत प्रमुख स्कॉट सैंडलिन से मुलाकात की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह बातचीत काफी 'फायदेमंद' रही।

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बैठक का मुख्य फोकस सरकार की ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP) के 10वें दौर और पूर्वी अपतटीय (ईस्टर्न ऑफशोर) क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर था। सरकार ने इस दौर में निवेशकों के लिए लगभग 1,82,589.21 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले 25 ब्लॉक नीलामी के लिए पेश किए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा प्रस्ताव है।

निवेशकों के लिए बेहतर माहौल

मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि सरकार ने तेल-गैस की खोज के लिए लगभग 10 लाख वर्ग किलोमीटर के 'नो-गो' (प्रतिबंधित) क्षेत्रों को खोल दिया है। उन्होंने कहा, “अब 'ऑयलफील्ड्स (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) अमेंडमेंट एक्ट, 2025', नए पीएनजी नियमों और 'एम्पावर्ड कमिटी ऑफ सेक्रेटरीज' (ईसीएस) के सुधारों के लागू होने के बाद हमारे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के लिए अपस्ट्रीम क्षेत्र में निवेश के अनुकूल माहौल तैयार हुआ है।”

इसके अलावा, पुरी ने मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म 'बेन एंड कंपनी' के चेयरमैन मैनी मैसेडा से भी मुलाकात की। उन्होंने उम्मीद जताई कि बेन कंपनी अपनी वैश्विक विशेषज्ञता से भारत की ऊर्जा कंपनियों को सेक्टर को मजबूत करने में सार्थक सहयोग दे सकती है।

OALP राउंड-10: सबसे बड़ी पेशकश

तेल और गैस की खोज और उत्पादन को गति देने के उद्देश्य से घोषित OALP का 10वां दौर मुख्य रूप से ऑफशोर (समुद्री) ब्लॉकों पर केंद्रित है। पेश किए गए 25 ब्लॉकों में से 19 ब्लॉक समुद्र में हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 1,65,718 वर्ग किलोमीटर है। इनमें से भी 13 ब्लॉक गहरे (डीप वॉटर) और बहुत गहरे पानी (अल्ट्रा-डीप वॉटर) वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। ये सभी ब्लॉक 13 अलग-अलग सेडिमेंट्री बेसिन में फैले हुए हैं।

जमीन पर (ऑनलैंड) और उथले पानी (शैलो वॉटर) वाले ब्लॉकों के लिए बोली प्रक्रिया 19 जून को समाप्त हो चुकी है, जबकि गहरे पानी वाले ब्लॉकों के लिए निवेशक 17 सितंबर तक अपनी बोलियां जमा कर सकते हैं।

इनपुट: IANS

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