मंगलवार, 25 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

भारत और मोरक्को का बड़ा लक्ष्य, 2030 तक दोगुना करेंगे आपसी व्यापार

भारत और मोरक्को ने अपने आर्थिक संबंधों को मज़बूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश साल 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को…

भारत और मोरक्को का बड़ा लक्ष्य, 2030 तक दोगुना करेंगे आपसी व्यापार
(फोटो: IANS)

भारत और मोरक्को ने अपने आर्थिक संबंधों को मज़बूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश साल 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने पर सहमत हुए हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए व्यापार के अलावा निवेश और औद्योगिक सहयोग को भी व्यापक स्तर पर बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाएगा।

विज्ञापन

यह फैसला भारत-मोरक्को संयुक्त आयोग की 7वीं बैठक में लिया गया। भारत के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और मोरक्को के उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय में विदेश व्यापार के प्रभारी राज्य सचिव उमर हेजीरा ने की।

सहयोग के नए रास्ते और मौजूदा साझेदारी

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी मौजूदा आर्थिक साझेदारी की समीक्षा की और भविष्य में सहयोग के लिए नए क्षेत्रों की पहचान पर चर्चा की। इस चर्चा का मुख्य केंद्र व्यापारिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने, निवेश के अवसर पैदा करने और दोनों देशों के उद्योगों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करने पर रहा।

भारत और मोरक्को के बीच कृषि, उर्वरक, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, खनन, ऊर्जा और आईटी जैसे क्षेत्रों में पहले से ही सहयोग मौजूद है। अब दोनों देश इन क्षेत्रों में साझेदारी को और विस्तार देने के साथ-साथ विनिर्माण, कृषि-प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे नए क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाश रहे हैं।

रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक विकास

दोनों देशों का मानना है कि व्यापारिक बाधाओं को कम करने, कारोबारी संपर्क बढ़ाने और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने से इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि मजबूत व्यापारिक संबंध एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी की नींव रख सकते हैं। इससे न केवल दोनों देशों की कंपनियों के लिए नए बाजार खुलेंगे, बल्कि रोजगार सृजन, तकनीकी आदान-प्रदान और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। यह बढ़ता सहयोग वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक विविध और मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →