मंगलवार, 25 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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उत्तर कोरिया पर नीति को लेकर उठते सवालों के बीच दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई

दक्षिण कोरिया ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि वह और अमेरिका, कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के अपने साझा लक्ष्य पर पूरी तरह से कायम हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के…

उत्तर कोरिया पर नीति को लेकर उठते सवालों के बीच दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई
(फोटो: IANS)

दक्षिण कोरिया ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि वह और अमेरिका, कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के अपने साझा लक्ष्य पर पूरी तरह से कायम हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के शीर्ष राजनयिकों के बीच हालिया बातचीत के आधिकारिक सारांश में 'परमाणु निरस्त्रीकरण' शब्द का सीधे तौर पर उल्लेख नहीं होने से कुछ सवाल उठने लगे थे।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह स्पष्टीकरण दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किया गया। सोमवार को दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद जारी विवरण में उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे के समाधान का जिक्र तो था, लेकिन 'परमाणु निरस्त्रीकरण' जैसे स्पष्ट शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था।

बातचीत के विवरण से उपजे सवाल

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी बातचीत के विवरण में भी उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम या निरस्त्रीकरण का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था। विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने सिर्फ़ इतना कहा कि रूबियो ने उन मुद्दों पर करीबी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया जो दोनों देशों के गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

इन घटनाक्रमों के बीच, दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पार्क दो-सुन ने एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग में स्थिति साफ़ की। उन्होंने कहा, "सोल और वाशिंगटन ने लगातार कोरियाई प्रायद्वीप में शांति, स्थिरता और परमाणु निरस्त्रीकरण को अपना लक्ष्य बनाए रखा है।" उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल नवंबर में हुए दक्षिण कोरिया-अमेरिका शिखर सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त बयान में भी इन लक्ष्यों को स्पष्ट किया गया था। पार्क के अनुसार, दोनों देश इन्हीं लक्ष्यों को साधने के लिए उत्तर कोरिया से संबंधित नीतियों पर समन्वय कर रहे हैं और हालिया फोन वार्ता में भी इन्हीं मुद्दों पर चर्चा हुई।

अमेरिकी नीति पर अनिश्चितता

यह पूरा प्रकरण ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उत्तर कोरिया नीति को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ दोबारा संपर्क स्थापित करने के प्रयास कर रहे हैं और उन्होंने इस साल के अंत में एक और मुलाकात की उम्मीद जताई है। हालांकि, पिछले सप्ताह उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया था कि किम के साथ बातचीत की कोशिश में उत्तर कोरिया का परमाणु निरस्त्रीकरण अब भी उनका लक्ष्य है या नहीं। इसी दौरान, ट्रंप के निर्देश पर अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपने संयुक्त सैन्य अभ्यास भी सीमित कर दिए, जिसे उत्तर कोरिया के प्रति एक नरम कदम के रूप में देखा जा रहा है।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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