NEET पेपर लीक विरोध: महाराष्ट्र सरकार ने छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने का आदेश दिया
NEET परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों को महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राज्य के गृह विभाग ने…
NEET परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों को महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राज्य के गृह विभाग ने आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लेने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण युवा अभ्यर्थियों के शैक्षणिक और पेशेवर भविष्य पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
यह कदम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा 28 जुलाई को गृह विभाग को दिए गए निर्देशों के बाद उठाया गया है। इसके तहत, जंतर-मंतर पर हुए मुख्य आंदोलन के समर्थन में महाराष्ट्र में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किए गए केस वापस लिए जाएंगे। सरकार ने इस फैसले के दायरे में आने वाले मामलों के लिए समय-सीमा को भी 31 जुलाई, 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2027 कर दिया है।
मुंबई में 900 से अधिक लोगों पर थे मामले
राज्य में हुए इन प्रदर्शनों के बाद अकेले मुंबई में ही छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 12 से 13 एफआईआर दर्ज की गई थीं। ये मामले वर्ली, दादर, सायन, माहिम और शिवाजी पार्क जैसे विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज हुए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, इन मामलों में 900 से अधिक लोगों को नामजद किया गया था या उन पर जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज हुए थे। इन पर अवैध रूप से इकट्ठा होने और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने जैसे आरोप थे। सैकड़ों लोगों को व्हाट्सऐप के जरिए नोटिस भेजकर जांच अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए भी कहा गया था। अब सरकार के इस आदेश के बाद इन सभी मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इनपुट: IANS



