विवादित उपदेशक जाकिर नाइक पर मलेशिया का रुख़, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रत्यर्पण पर कही ये बात
भारत में हेट स्पीच और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहा भगोड़ा इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक एक बार फिर चर्चा में है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पुष्टि की है कि नाइक के…
भारत में हेट स्पीच और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहा भगोड़ा इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक एक बार फिर चर्चा में है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पुष्टि की है कि नाइक के प्रत्यर्पण को लेकर भारत के साथ बातचीत हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चर्चा नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक के दौरान हुई।
शनिवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी से मुलाकात के बाद, अनवर इब्राहिम ने एक विशेष साक्षात्कार में इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा, “निजी बातचीत में यह मुद्दा निश्चित रूप से उठा। हमने दोनों देशों के हितों की रक्षा के लिए इसे निजी ही रखा। लेकिन आपसी विश्वास और रिश्तों को मजबूत करने की प्राथमिकता सूची में यह मुद्दा शामिल है।”
कानूनी प्रक्रिया और द्विपक्षीय संबंध
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका देश प्रत्यर्पण के मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन करेगा। उन्होंने कहा, “हमें भारत की प्रत्यर्पण मांग की समझ है, लेकिन इस मामले में बहुत सावधानी से आगे बढ़ना होगा। कानून के शासन और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के महत्व का सम्मान करना जरूरी है।”
गौरतलब है कि जाकिर नाइक 2016 में भारत से भाग गया था, जब भारतीय एजेंसियों ने उसके और उसके संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) के खिलाफ जांच शुरू की थी। उसे बाद में मलेशिया में स्थायी निवास मिल गया, और भारत सरकार तब से उसके प्रत्यर्पण के लिए प्रयासरत है।
महिलाओं के अधिकारों पर भी बोले
साक्षात्कार में अनवर इब्राहिम ने केरल के इस्लामिक धर्मगुरु कंथापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार की हालिया विवादित टिप्पणी पर भी अपनी असहमति जताई। मुसलियार ने महिलाओं को घर तक सीमित रखने की बात कही थी। इस पर इब्राहिम ने कहा कि वह रविवार को कोझिकोड में मुसलियार से मुलाकात कर उन्हें बताएंगे कि मलेशिया में महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने अपनी डॉक्टर पत्नी और बेटियों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां विश्वविद्यालयों में भी छात्राओं की संख्या अधिक है।
इनपुट: IANS



