मध्य प्रदेश में भी UCC की तैयारी, विधानसभा में विधेयक पेश, मंगलवार को होगी चर्चा
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को शुरू हुए विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन ‘समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026’ सदन के…
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को शुरू हुए विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन ‘समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026’ सदन के पटल पर रख दिया गया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस महत्वपूर्ण विधेयक पर मंगलवार, 21 जुलाई को चर्चा होनी है, जिसकी तारीख विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने तय कर दी है।
राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने सरकार की ओर से यह विधेयक प्रस्तुत किया। यह मानसून सत्र 24 जुलाई तक चलेगा। हालांकि, कांग्रेस ने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि सोमवार की विधानसभा की कार्यसूची में इस विधेयक का जिक्र नहीं था। इससे पहले, रविवार को जगदीशपुर में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी गई थी।
विधेयक की पृष्ठभूमि और प्रक्रिया
राज्य में यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए इसी साल 27 अप्रैल को न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति में शिक्षा, कानून, समाज सेवा और प्रशासन के विशेषज्ञ शामिल थे। समिति ने मौजूदा कानूनों का अध्ययन करने के साथ-साथ प्रदेश भर में जन-सुनवाई कर विभिन्न वर्गों से राय ली।
सरकार के मुताबिक, लोगों की भागीदारी के लिए एक विशेष वेब पोर्टल बनाया गया, 3.49 करोड़ एसएमएस भेजे गए और जिला एवं राज्य स्तर पर 50 बैठकें की गईं। इन प्रयासों से कुल 1,134 से अधिक सुझाव मिले। सरकार का दावा है कि इस प्रक्रिया में शामिल लगभग 94 प्रतिशत लोगों ने प्रदेश में यूसीसी लागू करने का समर्थन किया।
क्या हैं प्रस्तावित प्रावधान?
राज्य सरकार इस विधेयक को महिला सशक्तिकरण और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बता रही है। इसके कुछ मुख्य प्रस्तावित प्रावधानों में सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य करना, महिलाओं को संपत्ति में पुरुषों के बराबर अधिकार देना, और किसी विवाहित व्यक्ति के लिव-इन संबंध में रहने पर अधिकतम पांच साल की सजा का प्रावधान शामिल है।
अगर यह विधेयक मध्य प्रदेश विधानसभा में पारित हो जाता है, तो उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद मध्य प्रदेश देश का चौथा राज्य बन जाएगा जहां समान नागरिक संहिता लागू होगी।
इनपुट: IANS



