मध्य प्रदेश: विधानसभा से समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित, सरकार और विपक्ष में तीखी बहस
मध्य प्रदेश विधानसभा में रविवार को समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कर दिया गया, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने इसे महिलाओं के अधिकार और…
मध्य प्रदेश विधानसभा में रविवार को समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कर दिया गया, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने इसे महिलाओं के अधिकार और देश की एकता के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया, तो वहीं विपक्षी कांग्रेस ने सरकार पर बिना पर्याप्त चर्चा के जल्दबाज़ी में बिल पास कराने का आरोप लगाया।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, विधेयक पारित होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह कानून देश की आधी आबादी, यानी महिलाओं के हितों को ध्यान में रखकर लाया गया है। उन्होंने कहा, "समान नागरिक संहिता का उद्देश्य नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान व्यवस्था सुनिश्चित करना है।"
सरकार का पक्ष: संवैधानिक और ऐतिहासिक कदम
भाजपा के कई विधायकों और मंत्रियों ने इस विधेयक का पुरज़ोर समर्थन किया। विधायक उषा ठाकुर ने इसे देश की एकता, अखंडता और पहचान के लिए ज़रूरी बताते हुए कहा, "इसे आजादी के तुरंत बाद लागू किया जाना चाहिए था, लेकिन अब इतने वर्षों बाद इसे लागू किया जा रहा है।" वहीं, विधायक चिंतामणि मालवीय ने संविधान के अनुच्छेद 44 का ज़िक्र करते हुए कहा कि राज्य को इस दिशा में प्रयास करने का निर्देश बहुत पहले दिया गया था।
मंत्री विश्वास सारंग ने दावा किया कि यूसीसी लागू होने से बहुविवाह जैसी प्रथाओं पर रोक लगेगी और सभी नागरिकों के लिए एक समान नियम होंगे। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सदन में समर्थन का माहौल था और विपक्ष इस मुद्दे पर बंटा हुआ नज़र आया, जो न तो खुलकर विरोध कर पाया और न ही समर्थन।
विपक्ष के आरोप: चर्चा से बच रही सरकार
दूसरी ओर, विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने सरकार की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया, "सरकार इस विषय पर पर्याप्त चर्चा नहीं करना चाहती और विधेयक को समिति के पास भेजने से बच रही है।" उनका मानना था कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता थी।
इस बहस के बीच, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस पर आदिवासी और अल्पसंख्यक मुद्दों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदायों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखने के बावजूद कांग्रेस राजनीतिक कारणों से इसका विरोध कर रही है।
इनपुट: IANS



