मध्य प्रदेश में पेपर लीक जैसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के चार प्रमुख शहरों में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की कि ये विशेष अदालतें युवाओं से जुड़े मामलों और अन्य प्रकरणों का…
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के चार प्रमुख शहरों में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की कि ये विशेष अदालतें युवाओं से जुड़े मामलों और अन्य प्रकरणों का तेजी से निपटारा करेंगी ताकि लोगों को जल्द न्याय मिल सके। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही थी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पन्ना में अपने प्रवास के दौरान इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा की थी। उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए हमारी सरकार ने आज चार नए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है।"
किन शहरों में खुलेंगी अदालतें?
ये चार नई फास्ट ट्रैक अदालतें प्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में बनाई जाएंगी। इसका मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाना और लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटारा सुनिश्चित करना है।
सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त
इसी संदर्भ में, मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर है। उन्होंने जानकारी दी कि गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की। सरकार की पहल और भविष्य की योजनाओं पर सकारात्मक बातचीत के बाद वांगचुक ने अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। वांगचुक नीट जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अनशन पर थे।
इनपुट: IANS



