इंदौर नगर निगम घोटाला: ED ने 3.48 करोड़ की और संपत्तियां कुर्क कीं, कुल ज़ब्ती 59 करोड़ के पार
इंदौर नगर निगम (IMC) में हुए चर्चित फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एजेंसी ने इस मामले में 3.48 करोड़ रुपये मूल्य की 9 और अचल…
इंदौर नगर निगम (IMC) में हुए चर्चित फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एजेंसी ने इस मामले में 3.48 करोड़ रुपये मूल्य की 9 और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। इस नई कुर्की के साथ ही मामले में अब तक जब्त की गई कुल संपत्ति का आंकड़ा 59 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
ईडी की जांच में यह बात सामने आई थी कि ठेकेदारों ने नगर निगम और स्थानीय लेखापरीक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर एक बड़ा घोटाला किया। इसके तहत ऐसे कामों के लिए फर्जी बिल और जाली वर्क ऑर्डर तैयार किए गए, जो या तो कभी हुए ही नहीं या फिर पहले ही पूरे हो चुके थे। इस तरह से नगर निगम के खजाने से कुल 103.62 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।
नई कुर्की में क्या-क्या शामिल?
हालिया कार्रवाई में जब्त की गई संपत्तियों में इंदौर और धार जिलों में स्थित आवासीय मकान, फ्लैट, प्लॉट, व्यावसायिक दुकानें और खेती की जमीनें शामिल हैं। ये सभी संपत्तियां मामले के आरोपियों, घोटाले के लाभार्थियों और उनके परिवार के सदस्यों या सह-मालिकों के नाम पर दर्ज थीं।
इससे पहले, ईडी ने 3 जुलाई, 2025 को भी एक कुर्की आदेश जारी किया था, जिसके तहत करीब 33.65 करोड़ रुपये की 43 अचल संपत्तियां कुर्क की गई थीं। ताजा कार्रवाई के बाद कुर्क की गई अचल संपत्तियों का कुल मूल्य अब 37.14 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
अब तक की कुल कार्रवाई
यह मामला इंदौर के एमजी रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू हुआ था। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत जांच करते हुए ईडी ने आरोपियों से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर तलाशी भी ली थी। इस दौरान लगभग 22.04 करोड़ रुपये की नकदी, कीमती सामान और अन्य संपत्तियां फ्रीज या जब्त की गई थीं। इस तरह मामले में अब तक की कुल कुर्की और जब्ती 59.18 करोड़ रुपये हो चुकी है।
एजेंसी ने इस घोटाले के तीन प्रमुख आरोपियों—अभय सिंह राठौर, मोहम्मद जाकिर और राहुल बदेरा—को 1 जून, 2026 को गिरफ्तार किया था। वे तीनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



