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जानिए भारत में सेक्स की अजीबोगरीब बातें?

सेक्स सर्वे ने भारतीय लोगों की मानसिकता को सबके सामने रख दिया. आज भी भारत में अधिकतर लोग सेक्स के नाम पर संकोच करते हैं.

जानिए भारत में सेक्स की अजीबोगरीब बातें?

सेक्स सर्वे ने भारतीय लोगों की मानसिकता को सबके सामने रख दिया. आज भी भारत में अधिकतर लोग सेक्स के नाम पर संकोच करते हैं. लेकिन भारतीय सेक्स के मामले में किसी से पीछे भी नहीं हैं. भारत में आज भी शादी-शुदा महिलाएं सेक्स को केवल तृप्ति का ही साधन मानती हैं. लेकिन इसके उलट भारत की युवा पीढ़ी सेक्स को लेकर जागरुक है. अधिकतर युवाओं को स्कूल के दौरान ही सेक्स का अनुभव हो जाता है तो वहीं इस सर्वे ने भारतीय युवाओं का सेक्स के प्रति लापरवाह व्यवहार भी जाहिर किया. इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियों ने भी भारतीय बाजार में अपनी अच्छी पकड़ बना ली है जो इस बात को साबित करती है कि भारतीय युवा शादी से पहले सेक्स से परहेज नहीं करते.

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क्या स्त्रियां सेक्स संबंधों के प्रति उदासीन होती हैं?

कम से कम एक नया अध्ययन तो इसे नहीं मानता, जो कहता है कि पुरुषों के मुकाबले स्त्रियों को सेक्सुअल इंटरकोर्स ज्यादा भाता है. यह शोध स्त्रियों के बारे में अब तक प्रचलित धारणाओं को खारिज करता है. शोध में पाया गया कि शादी के बाद के वर्षो में जहां पुरुषों को किस या हग करना पसंद आता है, वहीं स्त्रियां सेक्स संबंधों में दिलचस्पी लेने लगती हैं.

एक सर्वेक्षण के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप और मध्यपूर्वी देशों के ज्यादातर पुरुष शारीरिक संबंधों और उनसे जुड़ी समस्याओं का हल खोजने के लिए संबंधित विदेशी संस्थानों की वेबसाइटों पर निर्भर रहते हैं. अगर संबंध स्थापित करने में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो वे फोन और ई-मेल के जरिये विदेशी चिकित्सकों और विशेषज्ञों से ही सलाह लेना बेहतर समझते हैं.

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इंटरकोर्स के इन मामलों को लेकर 27 परसेंट लड़कियां व नौ परसेंट लड़कों ने माना कि उनका पहला अनुभव अपने संबंधी के साथ ही हुआ. मतलब, उन्होंने पहली बार अपने संबंधी के साथ सेक्स किया. ज्यादातर मामलों में क्लोज रिलेशनशिप ही सामने आए.

सर्वे में सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह कि 37 परसेंट लड़कों व 45 परसेंट लड़कियों ने माना कि उन्हें पता था कि फ‌र्स्ट इंटरकोर्स के समय भी प्रेग्नेंसी की संभावना होती हैं, बावजूद इसके मात्र 13 परसेंट लड़के व तीन परसेंट लड़कियों ने ही कंडोम का यूज किया था. बाकी के जवाब काफी कैजुअल थे. मसलन, वी फील दैट कंडोम यूज करने का कोई मतलब ही नहीं है. आफ्टर सेक्स हम पिल्स ले लेते थे.

15-24 एज ग्रुप पर किए गए सर्वे में शामिल ज्यादातर लड़कों ने माना कि उनका फ‌र्स्ट प्रीमेरिटल इंटरकोर्स रजामंदी से हुआ था. 76 परसेंट लड़कों ने अपने फीमेल पार्टनर के ऐसा करने के लिए रजामंदी की बात कही. वहीं, 66 परसेंट ग‌र्ल्स ने सहमति से रिलेशनशिप बनाने की बात स्वीकारी.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. News4social इनकी पुष्टि नहीं करता है. यह खबर इंटरनेट से ली गयी है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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Shashwat

शशवत News4Social के वरिष्ठ संवाददाता हैं। वे राष्ट्रीय घटनाक्रम, ताज़ा समाचार और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जटिल जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में पाठकों तक पहुँचाने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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