किश्तवाड़ कांड: BJP विधायक ने की फास्ट ट्रैक सुनवाई और फांसी की मांग, कहा- दुनिया के लिए मिसाल बने सज़ा
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में हुए अपराध को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक रणबीर सिंह पठानिया ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में ऐसी…
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में हुए अपराध को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक रणबीर सिंह पठानिया ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में ऐसी सज़ा दी जानी चाहिए जो पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बने। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पठानिया ने यह भी कहा कि अगर संभव हो तो दोषियों को फांसी की सज़ा मिलनी चाहिए।
यह प्रतिक्रिया पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती द्वारा मामले की CBI जांच की मांग पर आई है। पठानिया ने पीड़ित परिवार के प्रति पूरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "इस घटना के बारे में जिस किसी ने भी सुना है, उसकी रूह कांप गई।" उन्होंने आरोपी शिक्षक द्वारा गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को बदनाम करने पर गहरा रोष जताया।
पुलिस की जांच और तेज़ सुनवाई पर ज़ोर
भाजपा विधायक ने स्थानीय पुलिस की जांच की सराहना की। उन्होंने कहा, "स्थानीय पुलिस ने बड़ी मेहनत और कोशिशों के साथ, वैज्ञानिक साक्ष्य का इस्तेमाल करके खुलासा किया है।" रणबीर पठानिया ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अब जल्द से जल्द चालान पेश कर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाना चाहिए ताकि रिकॉर्ड समय में सज़ा सुनाई जा सके।
उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराधों में कठोर दंड से जम्मू-कश्मीर की बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा का संदेश पूरे देश और दुनिया में जाएगा। उनके शब्दों में, "इस केस में सजा सिर्फ जम्मू-कश्मीर ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए रोल मॉडल हो।"
कॉमेडियन विवाद पर भी दी प्रतिक्रिया
इसी दौरान, पठानिया ने समय रैना और शेरोन वर्मा से जुड़े विवाद पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कॉमेडियन कई बार "सस्ती टीआरपी" के लिए सीमा लांघ जाते हैं। उन्होंने मशहूर कार्टूनिस्ट आर.के. लक्ष्मण का उदाहरण देते हुए कहा कि उन जैसे लोगों से सबक लेना चाहिए जो दशकों तक प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे पदों पर तीखी टिप्पणी करते रहे, फिर भी उनकी कला का सम्मान होता था। उन्होंने कहा कि आज के दौर में अपनी बात पूरी ज़िम्मेदारी से कहनी चाहिए और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए।
इनपुट: IANS



