शनिवार, 11 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
मध्यप्रदेश

केन-बेतवा परियोजना: मुआवजे की मांग को लेकर प्रभावितों का 'चिता आंदोलन', नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा

बुंदेलखंड की पानी की समस्या सुलझाने के लिए बनाई गई महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के विस्थापित परिवार मुआवजे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघ

केन-बेतवा परियोजना: मुआवजे की मांग को लेकर प्रभावितों का 'चिता आंदोलन', नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा
(फोटो: IANS)

बुंदेलखंड की पानी की समस्या सुलझाने के लिए बनाई गई महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के विस्थापित परिवार मुआवजे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि सरकार की अनदेखी के चलते प्रभावित आदिवासी परिवारों को 'चिता आंदोलन' करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

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समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, सिंघार ने सोशल मीडिया पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवार भारी बारिश के बावजूद पिछले चार दिनों से अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। उनका कहना है कि सरकार द्वारा दिया जा रहा 12.50 लाख रुपये का पुनर्वास पैकेज पूरी तरह से अपर्याप्त है और उन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है।

सरकार पर अन्याय का आरोप

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर आदिवासियों को न्याय देने के बजाय केवल संघर्ष देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जिन आदिवासियों की जल, जंगल और जमीन छीनी जा रही है, उनकी आवाज़ सुनने की बजाय भाजपा सरकार उन्हें आंदोलन करने पर मजबूर कर रही है।" सिंघार ने 'डबल इंजन सरकार' के आदिवासी सम्मान पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव से जवाब मांगा कि आदिवासियों को न्याय कब मिलेगा।

विकास बनाम विस्थापन

सिंघार ने भाजपा के मॉडल को 'विकास के नाम पर विस्थापन और फिर अधिकारों की अनदेखी' करार दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। गौरतलब है कि केन-बेतवा परियोजना का उद्देश्य दशकों से सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड में पानी का संकट खत्म करना और पलायन रोकना है, लेकिन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में प्रभावित हुए लोग अब अपने हक़ के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social वायर डेस्क

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