शनिवार, 15 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश

कानपुर: महिला कांस्टेबल की ममता ने किया कमाल, सोशल मीडिया रील से 24 घंटे में मूक-बधिर बच्ची को मां से मिलाया

कानपुर में एक महिला हेड कांस्टेबल मंदाकिनी ने जुलूस में खोई 8 वर्षीय मूक-बधिर बच्ची परवीन को सोशल मीडिया रील की मदद से 24 घंटे में उसकी माँ से मिलवा दिया। पुलिस ने बच्ची की माँ की तरह देखभाल की और उनकी यह मानवीय पहल सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे परिवार का पता चल सका।

कानपुर: महिला कांस्टेबल की ममता ने किया कमाल, सोशल मीडिया रील से 24 घंटे में मूक-बधिर बच्ची को मां से मिलाया
AI जनित प्रतीकात्मक चित्र

कानपुर में पुलिस का एक ऐसा मानवीय चेहरा सामने आया है, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। यहां एक महिला हेड कांस्टेबल ने न सिर्फ अपनी ड्यूटी निभाई, बल्कि एक माँ की ममता दिखाते हुए भीड़ में खोई 8 साल की मूक-बधिर बच्ची को उसके परिवार से मिला दिया। इस नेक काम में सोशल मीडिया की ताकत एक बड़े मददगार के रूप में सामने आई, जिसकी बदौलत एक रील पोस्ट होने के 24 घंटे के भीतर ही बच्ची अपनी मां की गोद में थी।

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कैसे भीड़ में खो गई थी बच्ची?

मामला बुधवार का है, जब शहर में अलम का जुलूस निकल रहा था। इसी जुलूस को देखने के लिए 8 साल की परवीन भी निकली थी, लेकिन घनी भीड़ में वह अपने परिवार से बिछड़ गई। मूक-बधिर होने के कारण वह किसी को अपनी परेशानी बता भी नहीं पा रही थी और भटकते हुए कर्नलगंज इलाके तक पहुंच गई। घबराई और सहमी हुई बच्ची ग्वालटोली थाने के पास पीले कपड़ों में अकेली बैठी थी, जब पुलिस की टीम की नजर उस पर पड़ी।

हेड कांस्टेबल मंदाकिनी बनीं 'मां'

पुलिस टीम बच्ची को थाने ले आई, जहां उसकी देखभाल की जिम्मेदारी महिला हेड कांस्टेबल मंदाकिनी ने संभाली। मंदाकिनी ने बच्ची की हालत देखकर उसे सबसे पहले नहलाया और उसके लिए नए कपड़े मंगवाए। इस काम में महिला एसआई कंचन रागिनी ने भी सहयोग किया और बच्ची के लिए नए कपड़े लेकर आईं। मंदाकिनी ने परवीन को अपने हाथों से खाना खिलाया और उसे पूरी तरह से सहज महसूस कराया। उन्होंने बच्ची को अगले 24 से 48 घंटे तक अपनी निगरानी में रखा, ताकि वह सुरक्षित और शांत महसूस कर सके।

सोशल मीडिया बना जरिया

बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। उन्होंने परवीन की एक तस्वीर और एक वीडियो रील बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर दी। यह तरकीब बेहद कारगर साबित हुई। पुलिस का यह प्रयास रंग लाया और रील पोस्ट होने के महज 24 घंटे के अंदर ही बच्ची के परिवार तक यह खबर पहुंच गई।

जब मां से मिली परवीन

सोशल मीडिया पर अपनी बेटी को देखकर बेकनगंज थाना क्षेत्र के नाजिर बाग में रहने वाला परिवार तुरंत पुलिस के पास पहुंचा। बच्ची की मां रेशमा खातून ने बताया कि परवीन मूक-बधिर है। जिस दिन वह खोई, उस दिन उसके पिता काम से बाहर गए थे और वह जुलूस देखने के लिए घर से निकल गई थी। परिवार ने उसकी गुमशुदगी की सूचना स्थानीय थाने में भी दी थी। थाने में जब रेशमा ने अपनी बेटी को देखा तो दोनों की आंखों में आंसू आ गए। परवीन अपनी मां को देखते ही दौड़कर उनसे लिपट गई। यह एक बेहद भावुक पल था, जिसने वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम कर दीं।

यह घटना दिखाती है कि पुलिस की संवेदनशीलता और सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल किस तरह किसी के जीवन में खुशियां लौटा सकता है। हेड कांस्टेबल मंदाकिनी का सहानुभूतिपूर्ण रवैया कानपुर पुलिस की एक सकारात्मक और मानवीय छवि प्रस्तुत करता है, जो वर्दी के पीछे छिपी ममता को उजागर करती है।

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News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क

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