यूपी: पनीर में केमिकल और रिफाइंड तेल की मिलावट का भंडाफोड़, 3 जिलों में बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में पनीर और दूध से बने अन्य उत्पादों में बड़े पैमाने पर मिलावट के खिलाफ योगी सरकार ने शिकंजा कसा है। एक विशेष अभियान के तहत तीन जिलों में 25 निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की गई, जहां पनीर…
उत्तर प्रदेश में पनीर और दूध से बने अन्य उत्पादों में बड़े पैमाने पर मिलावट के खिलाफ योगी सरकार ने शिकंजा कसा है। एक विशेष अभियान के तहत तीन जिलों में 25 निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की गई, जहां पनीर बनाने के लिए औद्योगिक रसायनों और पामोलिन तेल का इस्तेमाल किया जा रहा था। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान लगभग 7,700 किलो मिलावटी खाद्य सामग्री को नष्ट कर दिया गया और छह मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गाजियाबाद, मथुरा और सहारनपुर में यह अभियान चलाया। इसके लिए 24 विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने दूध और पनीर बनाने वाली प्रमुख इकाइयों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान तीन इकाइयां बंद पाई गईं।
जांच में मिलीं गंभीर अनियमितताएं
विभाग के मुताबिक, कई जगहों पर बेहद अस्वच्छ और गंदगी भरे माहौल में खाद्य पदार्थ बनाए जा रहे थे। टीमों को जांच में पता चला कि पनीर बनाने के लिए पामोलिन ऑयल या रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के साथ-साथ औद्योगिक इस्तेमाल वाले रसायनों का भी उपयोग हो रहा था। अधिकारियों ने इन इकाइयों से कच्चे माल और तैयार उत्पादों के कुल 72 नमूने इकट्ठे किए हैं, जिन्हें अब जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
लाखों का माल जब्त और नष्ट
इस पूरे अभियान में टीमों ने कुल 7,686 किलोग्राम खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा, 4.75 लाख रुपये मूल्य की 2,131 किलोग्राम खाद्य सामग्री और मिलावट में इस्तेमाल होने वाले पदार्थ भी जब्त किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, मिलावट और अस्वच्छता से जुड़े पांच मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है, जिनमें से तीन गाजियाबाद में और दो मथुरा में हैं। एक अन्य एफआईआर सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में दर्ज हुई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावट रोकने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इनपुट: IANS



