योग शिक्षिका पर टिप्पणी: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को कोर्ट से मिली जमानत
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और जामताड़ा से कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी को एक पुराने मामले में सोमवार को जमानत मिल गई। यह मामला करीब चार साल पहले एक योग शिक्षिका के पहनावे पर कथित रूप से आपत्तिजनक…
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और जामताड़ा से कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी को एक पुराने मामले में सोमवार को जमानत मिल गई। यह मामला करीब चार साल पहले एक योग शिक्षिका के पहनावे पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने से जुड़ा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मंत्री ने रांची की एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर किया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।
अदालत ने इरफान अंसारी को 10-10 हजार रुपये के दो जमानतदारों के आधार पर यह राहत दी। हालांकि, मामले में सुनवाई आगे भी जारी रहेगी। सरेंडर करने के बाद मंत्री ने कहा कि वह सभी अदालतों का सम्मान करते हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 19 अगस्त 2020 का है। रांची के डोरंडा की रहने वाली योग शिक्षिका राफिया नाज ने सिविल कोर्ट में मंत्री इरफान अंसारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि एक निजी समाचार चैनल पर अंसारी ने उनके पहनावे को लेकर अभद्र टिप्पणी की।
राफिया नाज का कहना था कि इस टिप्पणी से उनकी छवि धूमिल हुई और धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। शिकायत में मंत्री पर स्त्री लज्जा भंग करने, भीड़ को हिंसा के लिए उकसाने, धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने और जानबूझकर अपमानित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
अदालत ने खारिज की थी छूट की अर्जी
जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 (मानहानि) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के तहत संज्ञान लेते हुए अंसारी को पेश होने के लिए समन जारी किया था।
इससे पहले, जुलाई 2025 में एमपी-एमएलए मामलों के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत ने मंत्री की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट मांगी थी। बचाव पक्ष ने मंत्री की व्यस्तता का हवाला दिया था, लेकिन शिकायतकर्ता के वकील जितेंद्र कुमार वर्मा ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि मंत्री और अदालत दोनों रांची में ही हैं, इसलिए छूट का कोई आधार नहीं बनता।
इनपुट: IANS



