गोवा: 'डिजिटल अरेस्ट' कर 42 लाख रुपये ठगे, महाराष्ट्र से 20 वर्षीय युवक गिरफ़्तार
गोवा में 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर हुई एक बड़ी धोखाधड़ी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक व्यक्ति को डरा-धमका कर 42 लाख रुपये से ज़्यादा की रकम ठग ली गई थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट…
गोवा में 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर हुई एक बड़ी धोखाधड़ी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक व्यक्ति को डरा-धमका कर 42 लाख रुपये से ज़्यादा की रकम ठग ली गई थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, गोवा की साइबर क्राइम पुलिस ने लंबी तकनीकी जाँच के बाद महाराष्ट्र के नांदेड़ से एक 20 वर्षीय युवक को गिरफ़्तार किया है।
पीड़ित गोवा के कैनाकोना का रहने वाला है और उसने 20 मार्च को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, 30 जनवरी से 21 फरवरी के बीच उसे कई अलग-अलग नंबरों से फ़ोन आए। फ़ोन करने वालों ने खुद को दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) और दिल्ली-मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया।
इस तरह दिया ठगी को अंजाम
आरोपियों ने पीड़ित को यह कहकर डराया कि उसका आधार कार्ड जेट एयरवेज से जुड़ी कुछ आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ है और वह एक गंभीर मामले में फँस गया है। इसी झूठे केस को निपटाने का झाँसा देकर उसे 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा गया, यानी उसे लगातार ऑनलाइन निगरानी में रखकर बाहरी संपर्क से काट दिया गया। इस दौरान उससे कुल 42,60,094.40 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफ़र करवा लिए गए।
तकनीकी जाँच से मिला सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोवा साइबर क्राइम पुलिस ने गहन जाँच शुरू की। पुलिस ने पैसों के लेन-देन (मनी ट्रेल) का पीछा करते हुए पाया कि रकम कई खातों से होकर गुज़री थी। जाँच में एक संदिग्ध की लोकेशन महाराष्ट्र के नांदेड़ में मिली। इसके बाद पीआई दीपक पेडनेकर की निगरानी में एक टीम ने नांदेड़ में छापा मारकर 20 वर्षीय तेजस नरहारे को पकड़ लिया। जाँच में पता चला है कि आरोपी के खाते में 10 लाख रुपये आए थे, जिसे उसने बाद में चेक के ज़रिए निकाल लिया था। पुलिस ने गिरफ़्तार आरोपी को अदालत में पेश किया, जहाँ से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं और उनकी तलाश जारी है।
इनपुट: IANS



