गुरूवार, 6 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
अपराध

JPSC परीक्षा धांधली: पूर्व अध्यक्ष के कंप्यूटर ऑपरेटर समेत 5 और गिरफ्तार, अब तक 19 लोग हिरासत में

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 11वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में हुई कथित धांधली के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने इस मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते…

JPSC परीक्षा धांधली: पूर्व अध्यक्ष के कंप्यूटर ऑपरेटर समेत 5 और गिरफ्तार, अब तक 19 लोग हिरासत में
(फोटो: IANS)

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 11वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में हुई कथित धांधली के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने इस मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे अब तक पकड़े गए कुल आरोपियों की संख्या 19 हो गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, नई गिरफ्तारियों में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते का कंप्यूटर ऑपरेटर, तीन छात्र और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं।

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यह कार्रवाई सीआईडी थाना कांड संख्या 16/26 के तहत की गई है, जो 22 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था। जांच एजेंसी का कहना है कि इन सभी आरोपियों की भूमिका परीक्षा प्रक्रिया को गलत तरीके से प्रभावित करने से जुड़ी है। इससे ठीक पहले, 4 अगस्त को भी CID ने इसी मामले में उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार को गिरफ्तार किया था। एजेंसी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, दस्तावेज़ों और पूछताछ के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।

सरकार और राजभवन का आश्वासन

इस बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की और छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा, "युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री से भी बातचीत की जाएगी।"

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, राजभवन की ओर से जारी एक बयान में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भर्ती आयोगों की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए कि उस पर कोई सवाल न उठे। सूत्रों के मुताबिक, हालिया गिरफ्तारियों के बाद जांच के दायरे में कई और लोग भी आ सकते हैं और उनसे पूछताछ की जा सकती है।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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