सवाल 70- भगवान राम से जुड़े कुछ रोचक तथ्य क्या हैं ?
दोस्तों और प्यारे साथियों आज एक बार फिर से आप लोगों के सवालों का जवाब देने के लिए हम आपकी सेवा में हाज़िर हो गए हैं।
दोस्तों और प्यारे साथियों आज एक बार फिर से आप लोगों के सवालों का जवाब देने के लिए हम आपकी सेवा में हाज़िर हो गए हैं। भक्तिभाव रखने वाले आप में से कई लोगों ने सवाल किया है कि ‘’भगवान राम से जुड़े कुछ रोचक तथ्य क्या हैं ’’। भगवान राम से जुड़ा यह सवाल काफी अच्छा है तो चलिए इससे जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में जानते हैं।
1- राम शब्द का वैदिक अर्थ है ‘जिसका अंतर दिव्य रोशनी से भरा हो’।
2- भगवान राम के जन्म के लिए जब दशरथ ने यज्ञ करवाया तो वह 60 साल के थे।

3- रामायण के हर 1000 श्लोक- गायत्री मंत्र में 24 अक्षर होते हैं और वाल्मीकि रामायण में 24,000 श्लोक हैं। रामायण के हर 1000 श्लोक के बाद आने वाले पहले अक्षर से गायत्री मंत्र बनता है। यह मंत्र इस पवित्र महाकाव्य का सार है। गायत्री मंत्र को सर्वप्रथम ऋग्वेद में उल्लेखित किया गया है।
4- रामायण के अनुसार वानर सेना ने 5 दिन में समुद्र के ऊपर पुल बना लिया था।

5- भगवान विश्वकर्मा द्वारा भगवान शिव के कहने पर लंका का निर्माण करवाया गया था और रावण के पिता ने भगवान शिव से यह लंका दान में मांग ली थी। इसके बाद अपने भाई कुबेर से युद्ध कर रावण ने लंका पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लिया था।
6- हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 33 करोड़ देवी-देवता हैं, लेकिन रामायण के अनुसार सिर्फ 33 देवी देवता हैं।
7- जब दशरथ जी ने भगवान राम को वनवास के लिए कहा तो उन्हें साथ ही ढेरों धन साथ ले जाने को कहा जिससे उन्हें वनवास में कोई कठिनाई न हो, लेकिन कैकयी ने झउसके लिए मना कर दिया।
8- जब विभीषण और सब ने रावण को युद्ध में हथियार डालने को कहा तो रावण ने कहा कि “अगर राम और लक्ष्मण सामान्य इंसान हैं तो वो सीता को जीतकर सारे इंसानों पर राज करेगा और अगर वो भगवान हैं तो वो उनके तीरों से उनके हाथों मरेगा और मोक्ष प्राप्त कर विष्णु में मिल जायेगा” । इससे साबित होता है कि वो कोई पागल राजा नहीं था।

9- भगवान राम ने सरयु में जलसमाधि ली थी। जब माँ सीता ने उनकी माँ भूमि देवी से उन्हें वापस अपनी गोद में ले लेने की प्रार्थना की तो वो धरती फट गई और वह उसमें समा गई। लव-कुश ने अपनी माँ को रोकने की कोशिश की। कुश अपनी माँ को दूर जाते ना देख पाया और अपनी माँ के पीछे ही धरती में समा गया। इस सब के बाद भगवान राम के लिए इस इंसानी जीवन की पीड़ा असहनीय हो गई और उन्होंने सीता के वियोग में सीता-सीता पुकारते हुए सरयु में समाधि ले ली।

10- भगवान राम जब सीता को ढूंढ रहे थे उस वक्त भगवान शिव ने पार्वती जी से सीता का रूप धारण करने के लिए कहा। इसके बाद जब वह भगवान राम आई तो तुरंत पहचान लिया क्योंकि रामजी अन्तर्यामी थे।
आशा करता हूं कि आप सभी को इस सवाल का जवाब मिल गया होगा। आप लोग ऐसे ही सवाल पूछते रहिए हमउन सवालों के जवाब आपको खोजकर देते रहेंगे। आप कमेंट बॉक्स में अपनी राय और कमेंट करके अपनेसवाल पूछ सकते है। इस सवाल को पूछने के लिए आपका धन्यवाद।



