चैत्र नवरात्रि में रामायण पढ़नी चाहिए या सप्तशती ?
7 अक्टूबर से चैत्र नवरात्र शुरू होने वाले हैं. जो 15 अक्टूबर तक हैं. जिसमें माँ शक्ति की विभिन्न रूप में पूजा की जाती है.
“रामायण” से जुड़ी सभी ताज़ा खबरें।
7 अक्टूबर से चैत्र नवरात्र शुरू होने वाले हैं. जो 15 अक्टूबर तक हैं. जिसमें माँ शक्ति की विभिन्न रूप में पूजा की जाती है.
हिंदू धर्म में रामायण का विशेष महत्व है. इसका कारण यह है कि रामायण भगवान राम की कहानी है. जिसमें भगवान राम के जीवन की घटनाओं को लिखा गया है.
रामायण का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. जिसमें भगवान राम की कहानी है. रामायण को आपने काफी बार देखा या पढ़ा होगा. जिसमें एक जगह शूर्पनखा का जिक्र आता है.
हिंदू धर्म में रामायण की कथा का विशेष महत्व है. इसका कारण यह है कि यह भगवान राम की जीवन कथा पर आधारित है.
रामायण में सीता के स्वयंवर में शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखी गई थी क्योंकि बचपन में सीता इस भारी धनुष को आसानी से उठा लिया करती थी, जिससे राजा जनक को लगा कि केवल सुयोग्य योद्धा ही उसके लिए उपयुक्त वर हो सकता है।
हिंदू धर्म के अनुसार समय अवधि को चार युगों में बाँटा जाता है. जिसमें सतयुग , त्रेतायुग , द्वापर युग एंव कलयुग में बांटा गया है.
राम के विशेष चित्रण का वर्णन वैसे तो काफी ग्रंथो में किया गया है लेकिन श्री राम के चरित्र और गुणों का वर्णन जिन दो मुख्य ग्रन्थों में किया गया है वो…
रामायण में लक्ष्मण भगवान राम के साथ 14 साल वनवास में रहे। शेषनाग के अवतार लक्ष्मण द्वापर युग में भगवान कृष्ण के भाई बलराम के रूप में अवतरित हुए।