कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बिगाड़ा शेयर बाज़ार का मूड, सेंसेक्स 388 अंक टूटा
कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल ने मंगलवार को भारतीय शेयर बाजारों पर दबाव बनाया, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गईं और बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इसी वजह से अच्छे…
कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल ने मंगलवार को भारतीय शेयर बाजारों पर दबाव बनाया, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गईं और बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इसी वजह से अच्छे कॉर्पोरेट नतीजों के बावजूद बाजार में बिकवाली का माहौल रहा। दिनभर के कारोबार के बाद बीएसई सेंसेक्स 388.19 अंक (0.49%) गिरकर 78,154.25 पर और एनएसई निफ्टी 112.10 अंक (0.46%) फिसलकर 24,471.70 पर बंद हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल के दाम बढ़ने से महंगाई का खतरा फिर से केंद्र में आ गया है। इसके अलावा, होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और अमेरिका में महंगाई के महत्वपूर्ण आंकड़े आने वाले हैं।
किन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा गिरावट?
मंगलवार को बाजार में सबसे ज्यादा बिकवाली का दबाव एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में देखा गया। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 1.17% की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा टूटने वाला सेक्टर रहा, जबकि निफ्टी रियल्टी में 0.99% की कमजोरी आई। इसके अलावा मेटल, इंफ्रा, कमोडिटीज, प्राइवेट बैंक और ऑटो समेत कई अन्य प्रमुख सूचकांक भी लाल निशान में बंद हुए।
फार्मा और आईटी शेयरों ने दी राहत
हालांकि, बाजार की इस गिरावट के बीच कुछ सेक्टर हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे। ऊर्जा की बढ़ती लागत के दबाव के बावजूद फार्मा और कुछ आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी फार्मा में 1.02% और निफ्टी आईटी में 0.61% की मजबूती दर्ज की गई। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.22% की तेजी आई।
चढ़ने और गिरने वाले प्रमुख शेयर
सेंसेक्स में जहां इटरनल, इन्फोसिस, टाइटन, एचसीएल टेक और टीसीएस जैसे शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, इंडिगो, भारती एयरटेल और बजाज फाइनेंस समेत कई बड़े शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बाजार जानकारों के अनुसार, कंपनियों की अच्छी कमाई और विदेशी निवेश के मजबूत प्रवाह के कारण बाजार में बड़ी गिरावट का खतरा फिलहाल सीमित बना हुआ है।
इनपुट: IANS



