मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की रणनीति: 30 सितंबर को दिल्ली में जुटेंगे 'इंडी' गठबंधन के दिग्गज
चुनाव आयोग में आंतरिक मतभेदों की खबरों के बीच विपक्षी 'इंडी' गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना रुख और कड़ा कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस…
चुनाव आयोग में आंतरिक मतभेदों की खबरों के बीच विपक्षी 'इंडी' गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना रुख और कड़ा कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मुद्दे पर आगे की रणनीति बनाने के लिए गठबंधन के शीर्ष नेता 30 सितंबर को नई दिल्ली के संविधान क्लब में एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक का केंद्रीय एजेंडा संसद में सीईसी को हटाने का प्रस्ताव लाने की रूपरेखा तैयार करना है।
विपक्षी दलों की यह तीसरी कोशिश होगी, जिसका उद्देश्य ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए आवश्यक सांसदों के हस्ताक्षर जुटाना है। बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) और वाम दलों समेत कई प्रमुख घटक दलों के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे जैसे बड़े नाम शामिल हो सकते हैं। हालांकि, तमिलनाडु के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण डीएमके की भागीदारी पर अभी स्पष्टता नहीं है।
बैठक के मुख्य एजेंडे
सूत्रों के अनुसार, बैठक में तीन प्रमुख विषयों पर मंथन किया जाएगा। पहला, संसद में सीईसी को हटाने के प्रस्ताव की रणनीति को अंतिम रूप देना और इसके लिए सांसदों का समर्थन जुटाना। दूसरा, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को तेज करना और चुनाव आयोग के हालिया फैसलों की स्वतंत्र जांच की मांग उठाना। तीसरा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे चुनावी राज्यों सहित देश भर में एक आंदोलन की रूपरेखा तैयार करना।
रणनीति और पूर्व की गतिविधियां
इस संयुक्त बैठक से ठीक एक दिन पहले, 29 सितंबर को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक होगी, जिसमें पार्टी इस मसले पर अपनी आंतरिक रणनीति तय करेगी। IANS के हवाले से बताया गया है कि यह संयुक्त बैठक तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और माकपा महासचिव एम.ए. बेबी से फोन पर बातचीत के बाद तय की गई है।
सीपीआई, माकपा और सीपीआई (एमएल)-लिबरेशन जैसे वाम दल पहले ही ज्ञानेश कुमार को हटाने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग कर चुके हैं। वाम दलों ने 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की भी घोषणा की है। सीपीआई (एमएल)-लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने सुझाव दिया है कि इस बैठक का दायरा 'इंडी' गठबंधन से आगे बढ़ाकर अन्य विपक्षी दलों और नागरिक समाज के सदस्यों को भी शामिल करना चाहिए।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर
विपक्ष के आरोपों के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि एसआईआर को लेकर लगाए जा रहे आरोप चुनावी हार से ध्यान भटकाने की एक कोशिश है। वहीं, चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा है कि आयोग के भीतर अलग-अलग विचार और टिप्पणियां एक संस्थागत विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि एसआईआर से जुड़े सभी अंतिम निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं और पूरी प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के अनुरूप है।
इनपुट: IANS



