मणिपुर: चार महीने से जारी आर्थिक नाकेबंदी समाप्त, केंद्र और राज्य सरकार के साथ त्रिपक्षीय वार्ता के बाद नागा संगठन का फैसला
मणिपुर में लगभग चार महीने से राष्ट्रीय राजमार्गों पर जारी आर्थिक नाकेबंदी को यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) ने समाप्त करने की घोषणा की है। यह महत्वपूर्ण फैसला असम के गुवाहाटी में केंद्र और मणिपुर सरकार…
मणिपुर में लगभग चार महीने से राष्ट्रीय राजमार्गों पर जारी आर्थिक नाकेबंदी को यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) ने समाप्त करने की घोषणा की है। यह महत्वपूर्ण फैसला असम के गुवाहाटी में केंद्र और मणिपुर सरकार के साथ हुई एक त्रिपक्षीय बैठक के बाद लिया गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, UNC मणिपुर में नागा जनजातियों का सर्वोच्च संगठन है और इस नाकेबंदी के कारण राज्य में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई थी।
बैठक के बाद UNC के अध्यक्ष एनजी लोरहो ने एक बयान में बताया कि भारत सरकार और मणिपुर सरकार के साथ हुए समझौते के बाद परिषद ने शनिवार शाम 6 बजे से नाकेबंदी स्थगित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने आंदोलन के दौरान सहयोग करने वाले सभी पक्षों की सराहना की।
क्यों और कब शुरू हुई थी नाकेबंदी?
यह आर्थिक नाकेबंदी मई महीने में तब शुरू की गई थी जब कांगपोकपी जिले के लेइलोन वाइफेई गांव से छह नागा नागरिकों का अपहरण कर लिया गया था। यह जिला मुख्य रूप से कुकी-जो आदिवासियों का निवास क्षेत्र है। 10 जून को इन छह अपहृत ग्रामीणों के शव बरामद होने के बाद पूरे मणिपुर में व्यापक विरोध प्रदर्शन और आक्रोश फैल गया था। UNC ने कहा था कि जब तक इस मामले और अन्य मुद्दों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
नाकेबंदी का व्यापक असर
इस लंबे गतिरोध ने मणिपुर की दो प्रमुख जीवन रेखाओं - इम्फाल-जिरिबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) और इम्फाल-दिमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-2) पर वाहनों की आवाजाही रोक दी थी। ये राजमार्ग राज्य को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ते हैं। नाकेबंदी के कारण ईंधन और जरूरी सामानों का परिवहन ठप हो गया, जिससे राज्य में महंगाई बढ़ गई थी।
शांति बहाली की दिशा में अहम कदम
गुवाहाटी के पास गरभंगा स्थित बीएसएफ फ्रंटियर मुख्यालय में हुई इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय, मणिपुर सरकार के अधिकारियों और UNC के नेताओं ने हिस्सा लिया। इस त्रिपक्षीय वार्ता को राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने और शांतिपूर्ण माहौल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इनपुट: IANS



