अंकित शर्मा हत्याकांड: उम्रकैद की सजा के खिलाफ दो दोषियों ने किया दिल्ली हाईकोर्ट का रुख
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए नाजिम और कासिम ने अपनी उम्रकैद की सजा को दिल्ली हाईकोर्ट…
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए नाजिम और कासिम ने अपनी उम्रकैद की सजा को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों को 31 जुलाई को कड़कड़डूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत अन्य दोषियों के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
यह मामला उस समय का है जब दिल्ली दंगों के बीच आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उनका शव चांदबाग इलाके के एक नाले से मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि उनके शरीर पर 40 से ज्यादा घाव थे।
सजा के खिलाफ अपील
सजा सुनाए जाने के बाद ताहिर हुसैन ने पहले ही इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही थी। अब नाजिम और कासिम ने भी ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाया है। ताहिर हुसैन की वकील तारा नरूला ने कहा था कि अदालत ने हत्या की बर्बरता को ध्यान में रखा, लेकिन यह भी माना कि किसी भी दोषी की इसमें सीधी भूमिका नहीं पाई गई। उन्होंने कहा, "ऐसा कोई ठोस सबूत या आरोप नहीं था, जिससे यह साबित हो सका कि उन्होंने अंकित शर्मा को घसीटा या उन पर किसी हथियार का इस्तेमाल किया।" उन्होंने हाईकोर्ट में अपना पक्ष मजबूत रहने की उम्मीद जताई है।
'परिवार चाहता था मौत की सजा'
दूसरी ओर, अंकित शर्मा का परिवार निचली अदालत के फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। अंकित के भाई अंकुर शर्मा ने कहा था कि परिवार इस बात से निराश है कि अदालत ने दोषियों को मौत की सजा नहीं सुनाई। उन्होंने कहा, "हमारी मांग थी कि इसे 'दुर्लभतम मामलों' की श्रेणी में माना जाना चाहिए था। दोषी को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए थी। हम चाहते थे कि उसे मौत की सजा दी जाए।" अंकुर शर्मा ने यह भी साफ किया कि अगर यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट तक जाता है तो परिवार अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
इनपुट: IANS



