दिल्ली: विपक्ष के हंगामे के बीच CM रेखा गुप्ता ने विधानसभा में 'लक्ष्मी योजना' का किया बचाव, 17 लाख महिलाओं को मिलेंगे ₹2,500 महीना
दिल्ली की 17 लाख महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने वाली महत्वाकांक्षी 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' (DLY) पर विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार का पक्ष रखा। सोमवार को मानसून…
दिल्ली की 17 लाख महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने वाली महत्वाकांक्षी 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' (DLY) पर विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार का पक्ष रखा। सोमवार को मानसून सत्र के दूसरे दिन, उन्होंने विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों और दावों को खारिज करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम रेखा गुप्ता ने इस योजना को दिल्ली की अब तक की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजनाओं में से एक करार दिया। उन्होंने कहा, "किसी भी सरकार ने, चाहे वह 15 साल तक सत्ता में रही हो या 11 साल तक दिल्ली पर शासन किया हो, महिलाओं के लिए इतने बड़े पैमाने की योजना कभी नहीं बनाई।" मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी भाजपा सरकार ने अपना वादा पूरा किया है और अपनी प्रतिबद्धता को हकीकत में बदला है।
योजना का बजट और भविष्य
मुख्यमंत्री ने सदन को सूचित किया कि 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के लिए 5,100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। उन्होंने बताया कि यह योजना शुरुआत में तीन साल की अवधि के लिए तैयार की गई है, जिसका लक्ष्य शुरुआती चरण में 17 लाख महिलाओं तक लाभ पहुंचाना है। सीएम गुप्ता ने यह भी आश्वासन दिया कि अगर भविष्य में योजना के विस्तार की आवश्यकता महसूस हुई तो सरकार इसमें कोई संकोच नहीं करेगी।
विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों की आलोचना करते हुए कहा कि जो लोग दिल्ली की महिलाओं के हितैषी होने का दावा करते थे, वे सदन में रुककर सरकार का जवाब सुनने का साहस भी नहीं दिखा पाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। सीएम ने कहा, "कई वादे और बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन ऐसी किसी योजना के तहत दिल्ली की महिलाओं को एक रुपए भी नहीं दिया गया। पहली बार किसी सरकार ने इस योजना को लागू करने की हिम्मत दिखाई है।"
शर्तों पर दी सफाई
योजना की शर्तों को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी सीएम ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बार-बार दावा कर रहे थे कि योजना में कई शर्तें हैं, जिससे महिलाओं को इसका लाभ उठाने में मुश्किल होगी। तीन बच्चों से जुड़ी शर्त के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार को परिवार नियोजन या परिवार विस्तार के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। हर परिवार अपनी जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार योजना बनाता है।
इनपुट: IANS



