महाराष्ट्र की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए केरल मॉडल का अध्ययन, जानें क्या है सरकार की योजना
महाराष्ट्र की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर, सुलभ और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसी प्रयास के तह…
महाराष्ट्र की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर, सुलभ और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसी प्रयास के तहत महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केरल का दौरा किया, ताकि वहां की स्वास्थ्य प्रणाली के सफल मॉडलों का अध्ययन किया जा सके।
6 से 8 अगस्त के बीच हुए इस दौरे का मुख्य उद्देश्य केरल में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, डिजिटल हेल्थ, डायग्नोस्टिक्स और बीमारी की रोकथाम जैसे क्षेत्रों में अपनाए जा रहे सर्वोत्तम तरीकों को समझना था। इस दल का नेतृत्व सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सचिव-द्वितीय ई. रवींद्रन और स्वास्थ्य सेवा आयुक्त संजय श्रीपतराव कटकर ने किया।
केरल के फैमिली हेल्थ सेंटर मॉडल पर फोकस
प्रतिनिधिमंडल ने केरल के 'फैमिली हेल्थ सेंटर' (FHC) मॉडल का विशेष रूप से अध्ययन किया। ये केंद्र बीमारी की रोकथाम से लेकर इलाज और फॉलो-अप तक की व्यापक सेवाएं एक ही जगह पर उपलब्ध कराते हैं। इसमें गैर-संक्रामक रोगों की स्क्रीनिंग, माँ और बच्चे का स्वास्थ्य, काउंसलिंग और नियमित फॉलो-अप जैसी सुविधाएं शामिल हैं। अधिकारियों ने यह भी समझा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर सामुदायिक स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में क्या भूमिका निभा रहे हैं।
डिजिटल स्वास्थ्य और अन्य प्रणालियों का अध्ययन
इस दौरे का एक और अहम पहलू केरल का 'ई-हेल्थ' प्लेटफॉर्म था, जो एक एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली है। यह प्लेटफॉर्म मरीजों के डिजिटल रिकॉर्ड, रेफरल और फॉलो-अप को आसान बनाता है। उम्मीद है कि इस अध्ययन से महाराष्ट्र की डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, टीम ने कैंसर की रोकथाम, टीबी उन्मूलन, दवा खरीद और सप्लाई-चेन मैनेजमेंट जैसी कई अन्य प्रणालियों की भी जांच की। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि उद्देश्य केरल मॉडल की हू-ब-हू नकल करना नहीं है, बल्कि उन प्रभावी तरीकों की पहचान करना है जिन्हें महाराष्ट्र की स्थानीय जरूरतों के अनुसार ढाला जा सके।
इनपुट: IANS



