CAG रिपोर्ट पर दिल्ली में सियासी घमासान, भाजपा ने केजरीवाल सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 2023 की रिपोर्ट सामने आने के बाद दिल्ली की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस रिपोर्ट को आधार बनाकर पूर्व की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार…
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 2023 की रिपोर्ट सामने आने के बाद दिल्ली की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस रिपोर्ट को आधार बनाकर पूर्व की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, भाजपा नेताओं का कहना है कि सीएजी की रिपोर्ट ने AAP के 'कट्टर ईमानदार' होने के दावों की सच्चाई उजागर कर दी है।
मंगलवार को दिल्ली विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत में भाजपा नेताओं ने पूर्व केजरीवाल सरकार की कार्यशैली पर जमकर निशाना साधा। दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर और भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने कहा, "सीएजी की रिपोर्ट से पता चला है कि पिछली सरकारों ने कैसे घोटाले किए और किस तरह का भ्रष्टाचार हुआ। जो लोग खुद को 'कट्टर ईमानदार' कहते थे, उन्होंने असल में क्या किया, यह सीएजी की रिपोर्ट में सामने आया है।"
भ्रष्टाचार के बड़े आंकड़े और आरोप
भाजपा नेताओं ने भ्रष्टाचार के बड़े आंकड़ों का भी दावा किया। दिल्ली सरकार के मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह ने आरोप लगाया, "आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार के करीब 30,000 करोड़ से 35,000 करोड़ के आरोप सीएजी की रिपोर्ट के जरिए सामने आ रहे हैं।" वहीं, कुछ दिन पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने दावा किया था कि अब तक सामने आई 24 सीएजी रिपोर्टों में लगभग 15 हजार करोड़ रुपए की अनियमितताएं और कथित घोटाले उजागर हुए हैं। वर्मा ने जीएसटी बकाया, ई-वे बिल, बिजली सब्सिडी और दिल्ली जल बोर्ड की भर्तियों जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए थे।
विस्तृत चर्चा और जांच की मांग
भाजपा विधायक शिखा रॉय ने इस मामले पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा की मांग की है। उन्होंने कहा, "सभी को यह सच्चाई पता होनी चाहिए कि दिल्ली की पिछली सरकार, यानी आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली की जनता के साथ कैसे खिलवाड़ किया।" उन्होंने यह भी मांग की कि जब ये सभी बातें रिपोर्ट में सामने आएंगी, तो इसे लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) को भेजकर एक उचित रिपोर्ट तैयार करवाई जानी चाहिए। मोहन सिंह बिष्ट ने भी स्पष्ट किया कि इस चर्चा का मकसद जनता को सच्चाई बताना है, भले ही इसके तहत पिछली सरकार के लोगों को सजा का कोई प्रावधान न हो।
इनपुट: IANS



