हैदराबाद: हिंदू छात्र से 'कलमा' पढ़वाने का आरोप, हंगामे के बाद स्कूल ने टीचर को नौकरी से निकाला
हैदराबाद के एक स्कूल में दूसरी कक्षा के हिंदू छात्र पर इस्लामिक प्रार्थना 'कलमा' और 'फातिहा' पढ़ने के लिए दबाव डालने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद अभिभावकों और हिंदू संगठनों ने स्कूल के बाहर जम
हैदराबाद के एक स्कूल में दूसरी कक्षा के हिंदू छात्र पर इस्लामिक प्रार्थना 'कलमा' और 'फातिहा' पढ़ने के लिए दबाव डालने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद अभिभावकों और हिंदू संगठनों ने स्कूल के बाहर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने आरोपी शिक्षिका को नौकरी से निकाल दिया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह मामला शहर के सैदाबाद इलाके में स्थित 'सक्सेस द स्कूल' का है। छात्र के माता-पिता को जब इस बात का पता चला, तो उन्होंने स्कूल प्रशासन के सामने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने सवाल उठाया कि पढ़ाई के माहौल में इस तरह की धार्मिक गतिविधि को कैसे सही ठहराया जा सकता है।
विरोध प्रदर्शन और स्कूल की कार्रवाई
यह ख़बर फैलते ही स्थानीय लोगों और कई संगठनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने स्कूल परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना के लिए स्कूल को ज़िम्मेदार ठहराते हुए शामिल कर्मचारियों के ख़िलाफ़ तत्काल और सख़्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि कक्षाओं में किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधियों को शामिल न किया जाए।
बढ़ते विवाद के बीच, स्कूल प्रशासन ने शिक्षिका शेख आयशा परवीन की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं। स्कूल ने अपने आदेश में कहा, "शेख आयशा परवीन की सेवाएं 16 जुलाई से समाप्त की जा रही हैं।" इसके साथ ही उन्हें भविष्य में सक्सेस ग्रुप के किसी भी शिक्षण संस्थान में नौकरी के लिए स्थायी रूप से अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
विधायक टी. राजा सिंह की तीखी प्रतिक्रिया
इस मामले पर निर्दलीय विधायक टी. राजा सिंह ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "यह बेहद शर्मनाक है कि स्कूल प्रशासन ने कथित तौर पर दूसरी कक्षा के एक छात्र पर 'कलमा' पढ़ने का दबाव डाला।" उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब छात्र के माता-पिता ने स्कूल से सवाल किया, तो अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। राजा सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि यह इलाका AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के संसदीय क्षेत्र में आता है और ओवैसी इस मामले पर चुप हैं, जबकि वह अन्य राज्यों में होने वाली घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं।
इनपुट: IANS



