जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सुरक्षा नाका तोड़कर भागी स्कॉर्पियो बरामद, सवार फरार, मवेशी तस्करी का शक
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी सुरक्षा बैरिकेड तोड़कर भाग गई, जिसे बाद में लावारिस हालत में बरामद कर लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS…
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी सुरक्षा बैरिकेड तोड़कर भाग गई, जिसे बाद में लावारिस हालत में बरामद कर लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गाड़ी में सवार लोग मौके से फरार हो गए हैं और उनकी तलाश के लिए एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों को शक है कि इस घटना का मकसद मवेशियों की अवैध तस्करी हो सकता है।
यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 3:30 बजे चंदरकोट में हुई, जब जेके 02 एके 1743 रजिस्ट्रेशन नंबर वाली स्कॉर्पियो ने एक सुरक्षा चेकपॉइंट को तोड़ा। सुरक्षा बलों ने गाड़ी को रुकने के लिए बार-बार संकेत दिए, लेकिन चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और उसे नशरी की ओर भगाता रहा। एक अधिकारी ने बताया, "बार-बार संकेत देने के बावजूद गाड़ी नहीं रुकी। एहतियात के तौर पर पुलिस कर्मियों ने गाड़ी पर तीन राउंड फायरिंग की।"
तलाशी अभियान और मवेशी तस्करी का एंगल
अमरनाथ यात्रा मार्ग पर हुई इस सुरक्षा चूक के बाद पूरे जिले में हाई-अलर्ट जारी कर दिया गया। शुक्रवार दोपहर को यह गाड़ी डलवास के पास लावारिस पाई गई। जांचकर्ताओं को छोड़ी गई SUV के अंदर से जानवरों का गोबर मिला है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि इसका इस्तेमाल अवैध रूप से मवेशियों को ले जाने के लिए किया जा रहा था।
आधिकारिक सूत्रों का मानना है कि गाड़ी में तीन लोग सवार थे, जो पकड़े जाने के डर से गाड़ी छोड़कर पास के जंगल में भाग गए। उनकी तलाश के लिए पुलिस, सीआरपीएफ और सेना की संयुक्त टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं।
अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू
इस बीच, अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ पर एक दिन के लिए रोकी गई अमरनाथ यात्रा गुरुवार को जम्मू से फिर से शुरू हो गई थी। गुरुवार सुबह भगवती नगर बेस कैंप से 1,801 तीर्थयात्रियों का 28वां जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच दक्षिण कश्मीर स्थित पवित्र गुफा के लिए रवाना हुआ। इस जत्थे में 1,347 पुरुष, 351 महिलाएं, 89 साधु और 14 साध्वियां शामिल थीं, जो 74 गाड़ियों में बालटाल बेस कैंप के लिए निकले। अब तक 4.71 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यह 57-दिवसीय यात्रा 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ समाप्त होगी।
इनपुट: IANS



