मिजोरम: एम्बुलेंस में मरीज बनकर ड्रग्स तस्करी, 45 करोड़ की मेथामफेटामाइन बरामद, 3 गिरफ्तार
मिजोरम में ड्रग्स तस्करों ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक हैरान करने वाला तरीका अपनाया, लेकिन सुरक्षाबलों की मुस्तैदी ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…
मिजोरम में ड्रग्स तस्करों ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक हैरान करने वाला तरीका अपनाया, लेकिन सुरक्षाबलों की मुस्तैदी ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एक एम्बुलेंस की आड़ में की जा रही 45 करोड़ रुपये की ड्रग्स तस्करी का भंडाफोड़ किया गया है। तस्करों ने शक से बचने के लिए एम्बुलेंस में एक महिला को मरीज बनाकर बिठाया था।
यह बड़ी कार्रवाई असम राइफल्स और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की एक संयुक्त टीम ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर की। टीम ने आइजोल जिले के सेलिंग इलाके में साकेई बंगला रेस्तरां के पास एक मारुति सुजुकी ईको एम्बुलेंस को रोका। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसमें से करीब 15 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट का जखीरा बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 45 करोड़ रुपये आंकी गई है।
कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
सुरक्षाबलों ने मौके से एक महिला समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया और तस्करी में इस्तेमाल हो रही एम्बुलेंस को भी जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए मादक पदार्थ, गिरफ्तार आरोपियों और वाहन को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए DRI, आइजोल को सौंप दिया गया है। इन सभी के खिलाफ एनडीपीएस (मादक द्रव्य एवं मन:प्रभावी पदार्थ) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जाएगी।
तस्करी का संवेदनशील कॉरिडोर
अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना तस्करी गिरोहों के बदलते और संगठित होते तरीकों को दर्शाती है, जहाँ वे एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों का भी दुरुपयोग कर रहे हैं। गौरतलब है कि मिजोरम की सीमाएं म्यांमार और बांग्लादेश से लगती हैं। म्यांमार के साथ 510 किलोमीटर की बिना बाड़ वाली सीमा और बांग्लादेश के साथ 318 किलोमीटर की सीमा होने के कारण यह राज्य सिंथेटिक ड्रग्स, हथियार और अन्य प्रतिबंधित सामानों की तस्करी के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट कॉरिडोर बन गया है। फिलहाल जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह खेप कहाँ से आई थी और इसे कहाँ पहुँचाया जाना था।
इनपुट: IANS



