यमन: मारिब प्रांत में सरकारी सैन्य ठिकानों पर फिर मिसाइल और ड्रोन से हमला
यमन के मारिब प्रांत में शुक्रवार को एक बार फिर सरकारी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों के दौरान शहर में कई जोरदार धमाकों…
यमन के मारिब प्रांत में शुक्रवार को एक बार फिर सरकारी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों के दौरान शहर में कई जोरदार धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया।
स्थानीय सैन्य सूत्रों और निवासियों ने बताया कि हूती बलों ने मारिब शहर में स्थित तीसरे सैन्य क्षेत्र के मुख्यालय सहित कई सरकारी कैंपों पर हमला किया। फिलहाल, इन नए हमलों से हुए नुकसान या हताहतों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। हूती समूह की ओर से भी इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है।
गुरुवार को भी हुए थे बड़े हमले
यह घटनाक्रम ठीक एक दिन बाद हुआ जब हूती समूह ने मारिब और पड़ोसी प्रांत हद्रमौत में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाने का दावा किया था। गुरुवार को किए गए उन हमलों के बारे में हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने कहा था कि सरकारी बलों के खिलाफ बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिसमें 'सैकड़ों लोग हताहत' हुए।
सारेया के मुताबिक, गुरुवार के हमलों का निशाना मारिब के रुवैक और हद्रमौत के थनियाह तथा अल-अबर क्षेत्रों में स्थित सैन्य ठिकाने थे। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में सऊदी अरब समर्थित यमनी आपातकालीन बलों की पहली और तीसरी डिवीजन के कैंपों को निशाना बनाया गया, जिससे कई सैनिक मारे गए या घायल हुए। साथ ही, कई सैन्य वाहन, हथियार गोदाम और अन्य सुविधाएं भी नष्ट हो गईं।
सऊदी अरब पर तैयारी का आरोप
हूती प्रवक्ता ने सऊदी अरब पर अपने नियंत्रण वाले इलाकों के खिलाफ एक बड़े ज़मीनी सैन्य अभियान की तैयारी करने का आरोप लगाया। सारेया ने कहा कि यह अभियान तब शुरू किया गया जब उन्होंने देखा कि सऊदी अरब की सैन्य तैयारियां 'अंतिम चरण' में पहुँच चुकी हैं। उन्होंने रियाद को तनाव बढ़ाने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि हूती बल 'किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं' और जब तक उनके नियंत्रण वाले क्षेत्रों से प्रतिबंध नहीं हटाए जाते, वे अपनी रणनीति जारी रखेंगे।
इनपुट: IANS



