बिहार में बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी, JDU सांसद संजय झा ने विपक्ष पर साधा निशाना
बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने सरकार की तैयारियों को लेकर आश्वस्त किया है। शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए JDU सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि नेपाल की स्थिति और…
बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने सरकार की तैयारियों को लेकर आश्वस्त किया है। शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए JDU सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि नेपाल की स्थिति और क्लाइमेट चेंज के कारण राज्य में बाढ़ की चुनौती 2016 से भी विकट है, लेकिन सरकार इससे निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उन्होंने भी हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया है।
संजय झा ने भरोसा दिलाया कि आपदा से निपटने के लिए एक तय प्रोटोकॉल है और उसी के तहत पीड़ितों तक समय पर मदद पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा, "हमारी सबसे बड़ी कोशिश होती है कि पीड़ितों को समय पर मदद मिले।" झा ने जलवायु परिवर्तन को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पूरे हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर पिघलने से ऐसी स्थिति पैदा हो रही है।
विपक्ष के आरोपों पर पलटवार
बाढ़ के मुद्दे पर तेजस्वी यादव के सवालों का जवाब देते हुए संजय झा ने पुराने दिनों की याद दिलाई। उन्होंने कहा, "उन्हीं के समय में पटना के डीएम जेल गए थे। यही लोग इस आपदा का पूरा पैसा खा गए थे।" झा ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने पूरी व्यवस्था को बदनाम कर दिया था और लोगों को बाढ़ में मछली खाने जैसे सुझाव दिए जाते थे। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नीतीश जी हमेशा कहते हैं कि सरकारी खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का है।
छात्रों पर लाठीचार्ज और 'नीतीश संवाद यात्रा'
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा पर प्रतिक्रिया देते हुए झा ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी केस वापस ले लिए हैं और जहां भी ऐसी घटना हुई, वहां फौरन कार्रवाई की गई। उन्होंने राहुल गांधी पर बिहार में सिर्फ चुनाव के दौरान आने और राजनीति चमकाने का आरोप लगाया।
इसके साथ ही, संजय झा ने पार्टी की एक नई पहल की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि शनिवार से बक्सर जिले से 'नीतीश संवाद यात्रा' शुरू की जाएगी। इस यात्रा का उद्देश्य लोगों से सीधा संपर्क स्थापित करना है। यह कार्यक्रम गंगा नदी के किनारे बसे 12 जिलों में प्रस्तावित है और इसका संबंध किसी पार्टी से नहीं, बल्कि बिहार के मुद्दों से है। उन्होंने 1996 में हुए पानी के बंटवारे को बिहार के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि इस यात्रा के जरिए इन मुद्दों पर लोगों को एकजुट किया जाएगा।
इनपुट: IANS



