IRCTC घोटाला: लालू, राबड़ी और तेजस्वी यादव पर आरोप तय करने की सुनवाई 30 अक्टूबर तक टली
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव पर आरोप तय करने की…
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव पर आरोप तय करने की प्रक्रिया फिलहाल के लिए टल गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अब इस मामले की सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर की अगली तारीख निर्धारित की है।
यह मामला उस वक्त का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पुरी और रांची स्थित रेलवे के होटलों के विकास और संचालन का ठेका मैसर्स सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड को दिया था।
क्या है पूरा मामला?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, इस ठेके के बदले में लालू यादव के करीबी सहयोगी प्रेम चंद गुप्ता के परिवार के नियंत्रण वाली कंपनी, मैसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को बहुत कम कीमत पर दो एकड़ जमीन हस्तांतरित की गई थी। बाद में, नाममात्र मूल्य पर शेयरों की खरीद के जरिए इस जमीन और कंपनी का नियंत्रण राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को सौंप दिया गया, जिससे जमीन का मालिकाना हक प्रभावी रूप से यादव परिवार के पास आ गया।
जांच और कानूनी कार्रवाई
यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज की गई एक FIR के आधार पर शुरू हुई थी। सीबीआई ने तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और पीसी गुप्ता समेत अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इसी आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 (PMLA) के तहत अपनी जांच आगे बढ़ाई।
इससे पहले 11 सितंबर को दिल्ली की विशेष अदालत ने लालू परिवार समेत सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। जांच के दौरान ईडी ने इस मामले में 44 करोड़ 75 लाख रुपये की संपत्तियों को जब्त किया था, जिसे बाद में निर्णायक प्राधिकरण द्वारा भी सही ठहराया गया। ईडी ने 24 अगस्त 2018 को राउज एवेन्यू कोर्ट में अभियोजन शिकायत दर्ज की थी।
इनपुट: IANS



