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शादीशुदा जीवन में सेक्स कितना होता है जरूरी? हवस और...

हम सभी जानते हैं कि सम्बन्ध बनाना मानव के लिए उतना ही जरूरी होता है जितना मानव का खाना पीना जरूरी होता है। यह एक बुनियादी मानवीय जरूरत है.

शादीशुदा जीवन में सेक्स कितना होता है जरूरी? हवस और...

हम सभी जानते हैं कि सम्बन्ध बनाना मानव के लिए उतना ही जरूरी होता है जितना मानव का खाना पीना जरूरी होता है। यह एक बुनियादी मानवीय जरूरत है. देश में सेक्स के प्रति कम जागरूकता इसे एक गन्दा विषय बना देती है। कहते है कि जीवन में हर एक चीज की सही उम्र होती है और उसी उपयुक्त उम्र में उस चीज को किया जाए तो ही वह अच्छा होता है। उसी में सेक्स भी आता है।

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मानव जीवन में सम्बन्ध बनाने के लिए आदमी और औरत सामजिक रीति रिवाजों में बंधकर सम्बन्ध बनाते है। इससे वंश भी चलता है और इसी प्रकार से जीवन और समाज एक युग से दूसरे युग में चलता रहता है। शादी में सेक्स बहुत ही जरूरी चीज होती है। शादी में सेक्स उतना ही जरूरी है जितना की खाने में नमक। सबकी जरूरी इच्छाएं होती है।

कहा जाता है कि अगर शादी में सेक्स न हो तो वह शादीशुदा जीवन नीरस हो जाता है। ऐसे बहुत से मामलें सुनने में आते हैं समय न बिताने और सम्बन्ध न बनाने के चलते कई तलाक ले लेते हैं। शादीशुदा जीवन में सेक्स दिन का कुछ समय ही लेता है, पर उसका असर पूरी शादी शुदा जीवन पर पड़ता है। यहाँ महत्वपूर्ण बात ये है की सेक्स पति और पत्नी दोनों के लिए जरूरी है।

हालांकि भारत में सेक्स को पुरुषों का परम अधिकार समझा जाता है चाहे पत्नी का मन कहे या न कहें पति अपनी हवस मिटा लेगा। सेक्स में दोनों पार्टनर का एन्जॉय करना जरूरी होता है। अगर सेक्स बनाने में असहमति होती है तो यह एक तरह से रेप माना जाता है। भारत में इसके लिए कानून भी है।

कहा जाता है कि अगर सेक्स को लेके एक दूसरे में खुलापन और ऐसी संवाद है, तो आपका शादीशुदा जीवन निश्चित ही बहुत सुखद व् आनंद भरा रहेगा। अगर आपकी शादी में बेहतरीन सेक्स है, तो कभी भी पति या पत्नी यहाँ वहां नहीं बठकेंगे और एक दूसरे के लिए हमेशा वफादार रहेंगे और उनमे प्यार भी हमेशा ताज़ा रहेगा।

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एक और बात जो की भारत में शादी शुदा लोगों में आम है, वह है की शादी के बाद पति और पत्नी दोनों ही, खुद पे ध्यान देना छोड़ देते हैं। खुद को आकर्षक रखना, खुद पे ध्यान देना छोड़ देते हैं। खुद की शरीर पे ध्यान नहीं देते और शरीर को मोटा और अनाकर्षक बना लेते है।

यह समझ लेना जरूरी है कि अगर सेक्स एक खुशहाल वैवाहिक जीवन के जरूरी है तो ध्यान यह भी देने वाली बात है हवस मिटाने की तरह से इसे नहीं करना चाहिए। पार्टनर की सहमति से सेक्स करना एक अच्छे वैवाहिक जीवन के लिए सही होता है।

PV

Pradeep Verma

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