सोमवार, 14 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
इकोनॉमी

गांधीनगर में सर्कुलर इकोनॉमी पर दुनिया का मंथन, दक्षिण एशिया में पहली बार हो रहा यह बड़ा आयोजन

पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के भविष्य के लिए अहम मानी जाने वाली 'सर्कुलर इकोनॉमी' पर चर्चा के लिए दुनिया के विशेषज्ञ गुजरात की राजधानी गांधीनगर में जुट रहे हैं। यह पहला मौका है जब दक्षिण एशिया में…

गांधीनगर में सर्कुलर इकोनॉमी पर दुनिया का मंथन, दक्षिण एशिया में पहली बार हो रहा यह बड़ा आयोजन
(फोटो: IANS)

पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के भविष्य के लिए अहम मानी जाने वाली 'सर्कुलर इकोनॉमी' पर चर्चा के लिए दुनिया के विशेषज्ञ गुजरात की राजधानी गांधीनगर में जुट रहे हैं। यह पहला मौका है जब दक्षिण एशिया में 'वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम' (WCEF) का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वैश्विक मंच पर 65 से ज़्यादा देशों के 2,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।

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15 और 16 सितंबर को महात्मा मंदिर में होने वाले इस कार्यक्रम का केंद्रीय विषय 'सर्कुलर इकोनॉमी: लोगों और समृद्धि के लिए बदलाव' रखा गया है। मंगलवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन सत्र में कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहेंगी, जिनमें राज्य के पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया, भारत में फिनलैंड के राजदूत मिक्को किविकोस्की और नीदरलैंड के आर्थिक मामलों और जलवायु मंत्रालय की मैरीके स्पाइकरबोअर शामिल हैं।

क्या है सर्कुलर इकोनॉमी और क्यों है यह ज़रूरी?

सर्कुलर इकोनॉमी एक ऐसा आर्थिक मॉडल है जिसमें संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर ज़ोर दिया जाता है। इसका मकसद चीजों और उत्पादों को बार-बार इस्तेमाल, मरम्मत और रीसाइक्लिंग के ज़रिए लंबे समय तक चलन में बनाए रखना है। इस तरह बर्बादी कम होती है और कीमती संसाधनों को अर्थव्यवस्था में वापस लाया जा सकता है। इस फोरम का एक बड़ा उद्देश्य सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र में भारत की पहलों को दुनिया के सामने रखना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग, खासकर 'ग्लोबल साउथ' के देशों के साथ साझेदारी को मज़बूत करना है।

किन विषयों पर होगी चर्चा?

दो दिनों के मुख्य कार्यक्रम में चार पूर्ण सत्र और 16 विषय-आधारित सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें बिजनेस लीडर्स, उद्यमी, शोधकर्ता और नीति-निर्माता एक साथ मिलकर मंथन करेंगे। चर्चा के मुख्य बिंदु होंगे:

  • संसाधन दक्षता (Resource Efficiency) और सर्कुलर फाइनेंस
  • नवाचार (Innovation), डिजिटलाइजेशन और तकनीक की भूमिका
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल और रोजगार की संभावनाएं
  • टिकाऊ उत्पाद, ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक समाधान
  • युवाओं की भागीदारी और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम

इसके अलावा, एक अंतरराष्ट्रीय एक्सपो भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें 125 से ज़्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक हिस्सा लेंगे। यहां स्टार्ट-अप्स द्वारा तैयार किए गए सर्कुलर-इकोनॉमी समाधान और निवेश के लिए तैयार इनोवेशन प्रदर्शित किए जाएंगे।

कार्यक्रम का विस्तार और समापन

यह आयोजन 17 और 18 सितंबर को भी जारी रहेगा, जब वैश्विक भागीदार गांधीनगर समेत दुनिया भर में 80 एक्सेलेरेटर सेशन आयोजित करेंगे। 16 सितंबर को होने वाले समापन समारोह में केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह और फिनलैंड की जलवायु व पर्यावरण मंत्री सारी मुलताला शामिल होंगी। कार्यक्रम का औपचारिक अंत अगले मेज़बान देश को इसकी ज़िम्मेदारी सौंपने के साथ होगा। इस फोरम का आयोजन भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय, गुजरात सरकार, फिनलैंड सरकार और कई अन्य राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा मिलकर किया जा रहा है।

इनपुट: IANS

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