सोमवार, 14 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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अगस्त में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82% हुई, सोना-चांदी और खाने-पीने की चीज़ें हुईं महंगी

अगस्त महीने में भारत की खुदरा महंगाई दर में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सांख्यिकी मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित यह दर बढ़कर 4.82 प्रतिशत पर पहुंच गई…

अगस्त में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82% हुई, सोना-चांदी और खाने-पीने की चीज़ें हुईं महंगी
(फोटो: IANS)

अगस्त महीने में भारत की खुदरा महंगाई दर में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सांख्यिकी मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित यह दर बढ़कर 4.82 प्रतिशत पर पहुंच गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वृद्धि पिछले साल के इसी महीने की तुलना में हुई है, लेकिन यह अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्धारित दायरे के भीतर है।

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महंगाई में इस उछाल के पीछे मुख्य रूप से कीमती धातुओं और कुछ खाद्य वस्तुओं की कीमतों में आया तेज उछाल है। आंकड़ों से पता चलता है कि जहां एक तरफ आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ा, वहीं कुछ सब्जियों और कारों की कीमतों में गिरावट ने थोड़ी राहत भी दी।

सोना-चांदी और सब्जियों का असर

इस अवधि में सबसे ज़्यादा महंगाई चांदी के आभूषणों में देखी गई, जिनकी कीमतें 107.11 प्रतिशत तक बढ़ गईं। वहीं, सोने के गहनों के दाम भी 35.55 प्रतिशत चढ़ गए। खाद्य वस्तुओं की बात करें तो कुल खाद्य महंगाई 5.95 प्रतिशत रही। इसमें अदरक (73.82%), प्याज (48.27%) और लहसुन (43.6%) जैसी रोज़मर्रा की चीज़ों की कीमतों में भारी वृद्धि शामिल है। हालांकि, टमाटर की कीमतों में 31.09 प्रतिशत और आलू में 13.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे कुछ हद तक संतुलन बना रहा। इसके अलावा, कारों की कीमतों में भी 6.72 प्रतिशत की कमी आई।

RBI की नज़र और आर्थिक अनुमान

महंगाई का यह 4.82% का आंकड़ा RBI के 2 से 6 प्रतिशत के सहनशीलता बैंड के अंदर है, जिसका मध्य बिंदु 4% है। केंद्रीय बैंक इसी सीमा में महंगाई को नियंत्रित रखते हुए आर्थिक वृद्धि को साधने का प्रयास करता है। हाल ही में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि मुख्य महंगाई दर ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण लक्ष्य से ऊपर है, लेकिन व्यापक मूल्य दबाव अभी भी नियंत्रण में हैं। इसी को देखते हुए आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया था।

RBI ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने औसत महंगाई अनुमान को 5.1% से घटाकर 5% कर दिया है। साथ ही, केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.6% से बढ़ाकर 6.7% कर दिया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था में उसके भरोसे को दर्शाता है।

इनपुट: IANS

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