गौतम अदाणी को अमेरिकी कोर्ट से मिली बड़ी राहत, कानूनी विशेषज्ञों ने कहा- अब दुनिया भर में कारोबार की बाधाएं दूर
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के लिए एक बड़ी कानूनी जीत में, अमेरिका की एक अदालत ने उनके खिलाफ चल रहे एक मामले को खारिज कर दिया है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले का मतलब है कि यह मामला अब…
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के लिए एक बड़ी कानूनी जीत में, अमेरिका की एक अदालत ने उनके खिलाफ चल रहे एक मामले को खारिज कर दिया है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले का मतलब है कि यह मामला अब हमेशा के लिए बंद हो गया है और उन्हीं तथ्यों के आधार पर इसे दोबारा नहीं खोला जा सकता। इस घटनाक्रम से अदाणी के लिए अमेरिका सहित दुनिया भर में बिना किसी रुकावट के कारोबार करने का रास्ता साफ हो गया है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले पर अपनी राय देते हुए करंजावाला एंड कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर और सीनियर एडवोकेट रायन करंजावाला ने कहा कि गौतम अदाणी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा, "असल में इस मामले का नतीजा यह है कि गौतम अदाणी के लिए यह केस पूरी तरह से बंद हो गया है। इसे उनके खिलाफ दोबारा शुरू नहीं किया जा सकता और अब वे बिना किसी रुकावट के अमेरिका समेत दुनिया के किसी भी देश में कारोबार करने के लिए आजाद हैं। उनके खिलाफ अब कोई भी मामला खुला नहीं है।"
कानूनी और कारोबारी मायने
इस फैसले को विशेषज्ञों ने अदाणी ग्रुप के लिए एक "गेम-चेंजर" बताया है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा, "मुझे लगता है कि यह आदेश बहुत अहम है और मेरी समझ से यह गेम-चेंजर है, क्योंकि डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने यह महसूस करने के बाद इसे वापस लिया है कि यह मामला पहले कभी शुरू ही नहीं किया जाना चाहिए था।"
वहीं, सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा ने भी इस आदेश को वैश्विक स्तर पर काम करने वाली किसी कंपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना।
बाजार और निवेश पर असर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस कानूनी कार्यवाही का भारत में अदाणी ग्रुप के कामकाज पर बहुत कम प्रभाव पड़ा था। मार्केट एनालिस्ट अरुण केजरीवाल के मुताबिक, अमेरिका में मामला चलने के दौरान भी ग्रुप के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और कारोबार का विस्तार जारी रहा। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि यह गौतम अदाणी के लिए एक बड़ी जीत है।" केजरीवाल ने यह भी जोड़ा कि कारोबारी के खिलाफ किसी भी तरह के न्यायिक सबूत न मिलने का मतलब है कि बाजार की नजर में उन्हें क्लीन चिट मिल गई है।
इनपुट: IANS



