चेन्नई पुलिस का भ्रष्टाचार पर वार: रिश्वत मांगने वाले पुलिसकर्मियों के लिए खास सेल गठित
चेन्नई में पुलिस बल के भीतर भ्रष्टाचार को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने एक 'एंटी-करप्शन स्पेशल सेल' का गठन किया है, जो खासतौर पर उन पुलिसकर्मियों…
चेन्नई में पुलिस बल के भीतर भ्रष्टाचार को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने एक 'एंटी-करप्शन स्पेशल सेल' का गठन किया है, जो खासतौर पर उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई करेगा, जो अपने काम के बदले आम लोगों से रिश्वत मांगते हैं। इस पहल का उद्देश्य जनता का पुलिस पर भरोसा मज़बूत करना है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पुलिस कमिश्नर ए. अमलराज ने मंगलवार को इस नए सेल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह सेल नागरिकों को पुलिसकर्मियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों की शिकायत दर्ज कराने के लिए एक सीधा और सुरक्षित ज़रिया मुहैया कराएगा। शिकायत करने के लिए एक विशेष मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है।
कैसे और कहां करें शिकायत?
कोई भी व्यक्ति, जिससे किसी पुलिसकर्मी ने रिश्वत की मांग की हो, वह इस स्पेशल सेल से संपर्क कर सकता है। इसके लिए एक समर्पित नंबर 78717-23000 जारी किया गया है। नागरिक इस नंबर पर सीधे कॉल करके या व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पुलिस विभाग ने यह भी आश्वासन दिया है कि शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान और दी गई जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी डर के आगे आ सकें।
क्यों पड़ी इस सेल की ज़रूरत?
पुलिस कमिश्नर अमलराज ने माना कि ज़्यादातर पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करते हैं, लेकिन कुछ लोगों के गलत कामों की वजह से पूरे पुलिस बल की छवि खराब होती है। उन्होंने कहा, "कुछ पुलिसकर्मियों की गलत हरकतें पूरी फोर्स की साख को नुकसान पहुंचा सकती हैं और जनता के बीच पुलिस पर बने भरोसे को कम कर सकती हैं।" इसी समस्या से निपटने और विश्वसनीय शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह सेल बनाया गया है।
शिकायतों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्पेशल सेल को मिलने वाली हर शिकायत की गंभीरता से जांच की जाएगी। अगर जांच में रिश्वतखोरी के आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल और उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ने जनता से भी अपील की कि वे अपना जायज काम करवाने के लिए पुलिसकर्मियों को किसी भी तरह का अवैध भुगतान या लालच न दें, क्योंकि पुलिसिंग एक जन-सेवा है। उन्होंने कहा कि इस पहल की सफलता के लिए जनता का सहयोग बेहद ज़रूरी है।
इनपुट: IANS



