गुजरात: शहरी विकास के लिए नगर निगमों और पालिकाओं को मिले ₹3,850 करोड़, जानें किसे कितनी राशि
गुजरात के शहरों में विकास कार्यों और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी धनराशि जारी की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को गांधीनगर में आयोजित एक समारोह में…
गुजरात के शहरों में विकास कार्यों और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी धनराशि जारी की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को गांधीनगर में आयोजित एक समारोह में प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों को कुल 3,850 करोड़ रुपये का अनुदान वितरित किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह राशि 'स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना' के तहत जारी की गई है।
इस अनुदान का बड़ा हिस्सा, यानी 2,992 करोड़ रुपये, राज्य के 17 नगर निगमों के हिस्से में आया है। वहीं, 152 नगर पालिकाओं के लिए 858 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। चेक वितरण समारोह में मुख्यमंत्री के साथ शहरी विकास एवं वित्त मंत्री कानू देसाई, कृषि मंत्री जीतू वाघानी और शहरी विकास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
किस शहर को कितनी राशि मिली?
आवंटन में सबसे अधिक 870 करोड़ रुपये अहमदाबाद नगर निगम को दिए गए हैं, जबकि सूरत को 770 करोड़ रुपये मिले हैं। अन्य प्रमुख शहरों में वडोदरा को 285 करोड़, राजकोट को 232 करोड़, भावनगर और जामनगर को 105-105 करोड़ तथा जूनागढ़ और गांधीनगर को 65-65 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इसके अलावा गांधीधाम, नवसारी, पोरबंदर, सुरेंद्रनगर, मेहसाणा, वापी, नडियाद, आनंद और मोरबी जैसे प्रत्येक शहर को 55 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
नगर पालिकाओं को भी उनकी श्रेणी के अनुसार राशि दी गई। 'क्लास ए' की 41 पालिकाओं को 307.50 करोड़, 'क्लास बी' की 34 पालिकाओं को 221 करोड़, 'क्लास सी' की 60 पालिकाओं को 270 करोड़ और 'क्लास डी' की 17 पालिकाओं को 59.50 करोड़ रुपये दिए गए।
'पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित' सेवाओं पर जोर
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि इन अनुदानों का लक्ष्य व्यापक शहरी विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने नागरिक सेवाओं को "नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी, जवाबदेह और प्रौद्योगिकी-संचालित" बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने 2005 में 'शहरी विकास वर्ष' मनाने सहित शहरों के लिए अधिक वित्तीय सहायता प्रदान करके शहरी विकास की एक मजबूत नींव रखी थी।"
वहीं, शहरी विकास मंत्री कानू देसाई ने जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए शहरी नियोजन पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने "शहरी विकास के 20 वर्ष" और "अनंत अनादि वड़नगर" नामक दो कॉफी टेबल पुस्तकों का विमोचन भी किया।
इनपुट: IANS



