गुजरात में 'शक्तिदूत 2.0' योजना का आगाज़, खिलाड़ियों को अब मिलेगी 50 लाख तक की दोगुनी सहायता
गुजरात में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने अपनी 'शक्तिदूत योजना' को नए और बेहतर स्वरूप में लॉन्च करने का फैसला किया है। 'शक्तिदूत 2.0' नाम…
गुजरात में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने अपनी 'शक्तिदूत योजना' को नए और बेहतर स्वरूप में लॉन्च करने का फैसला किया है। 'शक्तिदूत 2.0' नाम की इस संशोधित योजना के तहत खिलाड़ियों को मिलने वाली अधिकतम वित्तीय सहायता दोगुनी कर दी गई है। अब उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों को 25 लाख रुपए की जगह 50 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद मिल सकेगी।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना का राज्यव्यापी शुभारंभ 12 अगस्त को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी करेंगे। इस योजना का लक्ष्य ओलंपिक और एशियाई खेलों जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए चैंपियन खिलाड़ी तैयार करना है।
योजना के बड़े बदलाव और नए नियम
नई 'शक्तिदूत 2.0' योजना में कई क्रांतिकारी सुधार किए गए हैं। वित्तीय सहायता बढ़ाने के अलावा, अब पैरा, डेफ, ब्लाइंड और अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों को भी योजना के तहत समान अवसर और सहायता प्रदान की जाएगी। जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान के लिए आवेदन की न्यूनतम आयु सीमा 12 वर्ष से घटाकर 9 वर्ष कर दी गई है। चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक वैज्ञानिक पॉइंट-आधारित मार्किंग सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें खेल विशेषज्ञों की समिति ओलंपिक और एशियाई खेलों जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों को प्राथमिकता देगी।
खिलाड़ी सम्मान और नई खेल सुविधाओं का तोहफा
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान 799 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को एकलव्य, सरदार पटेल और जयदीपसिंहजी पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी 388 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले विभिन्न खेल परिसरों और पुस्तकालयों का ई-लोकार्पण और ई-भूमिपूजन भी करेंगे। इन परियोजनाओं में अहमदाबाद, कच्छ, वडोदरा, जामनगर और मोरबी समेत कई जिलों में तहसील और जिला स्तर के खेल परिसर, आधुनिक पुस्तकालय, स्पोर्ट्स हॉस्टल और एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड शामिल हैं।
शक्तिदूत योजना की पिछली सफलता
साल 2015 में शुरू हुई इस योजना ने राज्य को गौरवान्वित करने वाले कई खिलाड़ी दिए हैं। योजना के तहत खिलाड़ियों ने अब तक राष्ट्रीय स्तर पर 831 और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 773 पदक, यानी कुल 1604 पदक जीते हैं। इस योजना के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार देश का प्रतिनिधित्व किया है।
इनपुट: IANS



