शिवकाशी पटाखा फैक्ट्री में फिर हादसा: धमाके में 2 श्रमिकों की मौत, सुरक्षा पर उठे सवाल
तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में पटाखा उद्योग से जुड़ी मौतों की सूची में एक और दुखद अध्याय जुड़ गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गुरुवार को शिवकाशी के पास एक लाइसेंसी पटाखा फैक्ट्री में हुए…
तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में पटाखा उद्योग से जुड़ी मौतों की सूची में एक और दुखद अध्याय जुड़ गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गुरुवार को शिवकाशी के पास एक लाइसेंसी पटाखा फैक्ट्री में हुए शक्तिशाली विस्फोट में दो श्रमिकों की जान चली गई। यह घटना नमस्कारिथानपट्टी स्थित इकाई में तब हुई जब कर्मचारी काम में लगे हुए थे।
विस्फोट इतना भीषण था कि फैक्ट्री के एक हिस्से में तुरंत आग लग गई और चारों ओर धुएं का घना गुबार छा गया, जिससे स्थानीय इलाके में दहशत फैल गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल दो मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। फिलहाल मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है और किसी अन्य के हताहत होने की सूचना नहीं है।
प्रशासन की कार्रवाई और जांच
सूचना मिलते ही दमकल और बचाव सेवा की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गईं। फैक्ट्री में और विस्फोटक सामग्री होने की आशंका को देखते हुए ढांचे को ठंडा करने का काम सावधानी से किया गया। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है ताकि आम लोगों को फैक्ट्री के नजदीक आने से रोका जा सके।
पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि क्या फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था। इसके अलावा, रसायनों और तैयार पटाखों के भंडारण के तरीकों और उत्पादन लाइसेंस की शर्तों के अनुपालन की भी पड़ताल की जाएगी।
लगातार हादसों का केंद्र विरुधुनगर
यह घटना विरुधुनगर में पटाखा उद्योग में सुरक्षा को लेकर चल रही गंभीर चिंताओं को फिर से उजागर करती है। यह जिला पहले भी कई बड़े और जानलेवा हादसों का गवाह रहा है। इसी साल अप्रैल में कट्टनारपट्टी में एक विस्फोट में 25 श्रमिकों की मौत हुई थी, जबकि फरवरी, मई और जून 2024 में हुए अलग-अलग हादसों में कुल 24 लोगों की जान जा चुकी है। सितंबर 2012 में हुआ एक भीषण हादसा 40 लोगों की मौत का कारण बना था। इन लगातार हो रही घटनाओं के कारण श्रमिक संगठन और सुरक्षा कार्यकर्ता सख्त निरीक्षण और नियमों के कड़े अनुपालन की मांग करते रहे हैं।
इनपुट: IANS



