सूरत: RTO चालान के नाम पर लाखों की ठगी, जामताड़ा गैंग का 'कैश हैंडलर' गिरफ्तार
गुजरात के सूरत में फ़र्ज़ी आरटीओ ई-चालान के ज़रिए हुई 5 लाख रुपये से ज़्यादा की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने एक अहम कड़ी को पकड़ा है। सूरत साइबर क्राइम सेल ने इस मामले में जामताड़ा स्थित एक बड़े…
गुजरात के सूरत में फ़र्ज़ी आरटीओ ई-चालान के ज़रिए हुई 5 लाख रुपये से ज़्यादा की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने एक अहम कड़ी को पकड़ा है। सूरत साइबर क्राइम सेल ने इस मामले में जामताड़ा स्थित एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह के कथित सहयोगी को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी की पहचान 26 वर्षीय सीताराम मंडल के रूप में हुई है, जो झारखंड के गिरिडीह का रहने वाला है।
पुलिस का कहना है कि सीताराम मंडल का काम ठगी के पैसों को संभालना था। वह पीड़ितों से लूटी गई रकम को 'म्यूल' बैंक खातों (जिनका इस्तेमाल अवैध धन के लेन-देन के लिए होता है) के ज़रिए कैश में बदलता था और फिर अपने गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाता था। सीताराम पहले से ही किसी अन्य मामले में साबरमती जेल में बंद था, जहां से उसे इस केस में हिरासत में लेकर रिमांड पर लिया गया है।
कैसे हुई थी 5 लाख की धोखाधड़ी?
यह मामला 20 नवंबर, 2025 का है, जब एक पीड़ित के दोस्त के व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से खतरनाक एपीके (APK) फ़ाइल भेजी गई। इसके बाद हैकर्स ने उसी व्हाट्सएप अकाउंट का इस्तेमाल कर पीड़ित के बेटे के दोस्तों वाले ग्रुप में वह फ़ाइल भेज दी। जैसे ही पीड़ित ने उसे डाउनलोड किया, उनका मोबाइल फ़ोन हैक हो गया और उनके बैंक खाते से 5,02,562 रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने 14 दिसंबर, 2025 को सूरत साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोपी तक कैसे पहुंची पुलिस?
पुलिस ने बैंकिंग लेन-देन और तकनीकी जांच के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ीं। जांच में पता चला कि इस ठगी में पहले से गिरफ्तार एक अन्य आरोपी निशित नाथवानी ने 1,47,954 रुपये का इस्तेमाल एक क्रेडिट बिल का भुगतान करने के लिए किया था। पुलिस के अनुसार, नाथवानी ने 15 से 20 प्रतिशत कमीशन रखकर बाकी रकम कैश डिपॉज़िट मशीन के ज़रिए सीताराम मंडल के बैंक खाते में जमा करा दी थी। आरोप है कि इसके बाद मंडल ने अपना 5 से 10 प्रतिशत कमीशन काटा और बाकी नकद रकम जामताड़ा गैंग के फरार सदस्यों को दे दी।
साइबर पुलिस की चेतावनी
इस घटना के बाद सूरत साइबर क्राइम सेल ने लोगों को সতর্ক किया है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अनजान स्रोत से मिली एपीके फ़ाइलों को डाउनलोड करने से बचें, भले ही वे आरटीओ चालान, बैंक केवाईसी, सरकारी योजनाओं या किसी अन्य परिचित सेवा के नाम पर क्यों न भेजी गई हों। साथ ही, एसएमएस या ईमेल पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी गई है।
इनपुट: IANS



