तेलंगाना: CM के भाई पर ₹200 करोड़ की ज़मीन ₹7 करोड़ में लेने का आरोप, BRS ने बताया 'मूडा से भी बड़ा घोटाला'
तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के भाई पर एक बड़े ज़मीन घोटाले का आरोप लगाया है। BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने मंगलवार को दावा किया कि…
तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के भाई पर एक बड़े ज़मीन घोटाले का आरोप लगाया है। BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने मंगलवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री के भाई कोंडल रेड्डी से जुड़ी एक कंपनी को कौड़ियों के दाम पर करोड़ों की सरकारी ज़मीन दे दी गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, केटीआर ने इस सौदे को कर्नाटक के चर्चित 'मूडा' घोटाले से भी बड़ा बताया है।
मामला 'टेसेरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स' नामक कंपनी को ज़मीन आवंटन से जुड़ा है। केटी रामा राव ने आरोप लगाया कि राविराल में 'फ्यूचर सिटी' के पास स्थित 5 एकड़ बेशकीमती ज़मीन, जिसकी बाज़ार कीमत करीब ₹200 करोड़ है, इस कंपनी को महज़ ₹7 करोड़ में आवंटित कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि यह ज़मीन किसानों से छीनी गई थी।
कंपनी की साख और CM के भाई की भूमिका पर सवाल
केटी रामा राव ने टेसेरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स को एक 'शेल कंपनी' करार देते हुए उसकी वित्तीय साख पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मीडिया के सामने कुछ दस्तावेज़ पेश करते हुए कहा, "सिर्फ 1 लाख रुपए की पेड-अप कैपिटल और कथित तौर पर बिना किसी कर्मचारी वाली कंपनी को ₹200 करोड़ की ज़मीन कैसे मिल सकती है?"
उन्होंने कंपनी के बारे में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे, जैसे कि उसकी वेबसाइट पर संपर्क नंबर '123456789' लिखा है और कंपनी का पता संगारेड्डी जिले के पटनचेरु का एक फ्लैट है। उन्होंने कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह भी कहा कि इसमें कोई कर्मचारी नहीं है।
BRS नेता ने मुख्यमंत्री के भाई कोंडल रेड्डी की भूमिका को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा, "अगर कोंडल रेड्डी का टेसेरैक्ट से कोई संबंध नहीं है, तो उन्हें इसके चेयरमैन के तौर पर क्यों पेश किया गया और उन्होंने बैठकों में कंपनी का प्रतिनिधित्व क्यों किया?" केटीआर ने यूएस-इंडिया बिजनेस फोरम की बैठक की तस्वीरें भी दिखाईं, जिसमें कोंडल रेड्डी कथित तौर पर टेसेरैक्ट के चेयरमैन के रूप में शामिल हुए थे।
सरकार से जांच की मांग और कानूनी लड़ाई का ऐलान
केटी रामा राव ने इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, उनके भाई, संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि BRS इस मुद्दे पर सरकार को बख्शने वाली नहीं है और वे राज्यपाल से मिलेंगे, लोकायुक्त के पास शिकायत दर्ज कराएंगे और सभी उपलब्ध कानूनी व संवैधानिक रास्ते अपनाएंगे।
उन्होंने याद दिलाया कि कर्नाटक में मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (मूडा) घोटाले के कारण तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को लगभग इस्तीफा देना पड़ा था, जिसमें मुख्यमंत्री की पत्नी को 3 एकड़ ज़मीन आवंटित की गई थी। केटीआर ने चेतावनी दी कि इस मामले में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी जवाब देना होगा।
इनपुट: IANS



