भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, 40 लाख रुपये की ब्राउन शुगर के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार
भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने लगभग 40 लाख रुपये मूल्य की ब्राउन शुगर जब्त की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई बिहार…
भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने लगभग 40 लाख रुपये मूल्य की ब्राउन शुगर जब्त की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई बिहार के किशनगंज जिले में की गई, जहाँ एक घर से 952 ग्राम संदिग्ध ब्राउन शुगर बरामद हुई और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।
एसएसबी की इंटेलिजेंस यूनिट से मिली एक खास सूचना के आधार पर यह ऑपरेशन बुधवार, 2 सितंबर को सुबह करीब 5 बजे अंजाम दिया गया। एसएसबी के जवानों ने गलगलिया पुलिस स्टेशन की टीम के साथ मिलकर थिका टोली गाँव में मोहम्मद जलाल के घर पर छापा मारा।
छापेमारी और बरामदगी
एक वरिष्ठ एसएसबी अधिकारी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान एक स्निफर डॉग की मदद से घर में छिपाकर रखे गए नशीले पदार्थ के पांच पैकेट मिले। मोबाइल डिटेक्शन किट से पुष्टि हुई कि यह ब्राउन शुगर है। मौके से आरोपी के पास से एक कीपैड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
पूछताछ में 60 वर्षीय जलाल ने कथित तौर पर बताया कि यह ड्रग्स उसके दामाद मोहम्मद शमशाद आलम का है, जो नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल है। पुलिस ने जब तथ्यों की जाँच की तो पाया कि आलम एक हिस्ट्रीशीटर है और पहले भी ड्रग्स तस्करी के कई मामलों में उसका नाम आ चुका है। जब्त की गई ब्राउन शुगर, मोबाइल फोन और आरोपी जलाल को आगे की कार्रवाई के लिए गलगलिया पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।
सीमा पर तस्करी एक बड़ी चुनौती
यह घटना इस इलाके में पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले 30 अगस्त को भी एसएसबी और पुलिस की संयुक्त टीम ने गलगलिया से ही एक महिला को 50 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। उसने भी बताया था कि उसका पति और बेटा इस अवैध कारोबार में लिप्त हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अपराधी अक्सर अपनी गतिविधियों के लिए बिहार और पश्चिम बंगाल की सीमा के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा का फायदा उठाते हैं। एक राज्य से दूसरे में जाते ही पुलिस का अधिकार क्षेत्र बदल जाता है, जिसका तस्कर लाभ उठाते हैं। वहीं, भारत-नेपाल की खुली सीमा भी एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि दोनों देशों के नागरिकों को आने-जाने के लिए वीजा या पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती, जिससे हर किसी की तलाशी लेना मुश्किल हो जाता है।
इनपुट: IANS



