सागर में ज़हरीली शराब का क़हर: 11 लोगों की मौत, 10 गिरफ़्तार, कई अफ़सर सस्पेंड
मध्य प्रदेश के सागर ज़िले में ज़हरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को इस मामले में 20 लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई, जिनमें से 10 को गिरफ़्तार कर…
मध्य प्रदेश के सागर ज़िले में ज़हरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को इस मामले में 20 लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई, जिनमें से 10 को गिरफ़्तार कर लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घटना सागर ज़िले के बांदा और शाहगढ़ तहसील के कई गाँवों में हुई, जहाँ संदिग्ध अवैध शराब के सेवन से अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है।
कई अन्य लोग अभी भी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। प्रभावित लोगों में से एक की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस से भोपाल भेजा गया है। प्रशासन ने मौतों का सटीक कारण जानने के लिए विसरा और शराब के नमूनों को फोरेंसिक और केमिकल जांच के लिए भेजा है।
प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सख़्त क़दम उठाए हैं। ग्वालियर के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, ज़िला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बांदा की आबकारी उप-निरीक्षक रोशनी उरेते शामिल हैं। इसके अलावा, गुगरा चौकी प्रभारी पूरन लाडिया और बांदा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा को भी निलंबित किया गया है। सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने विशेष टीमें बनाकर कई जगहों पर छापेमारी की है, ताकि अवैध शराब के स्रोत और सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सरकारी आश्वासन
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। मध्य प्रदेश में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने मृतकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने और दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, राज्य के उप मुख्यमंत्री और ज़िले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने सागर का दौरा कर अस्पतालों में भर्ती मरीज़ों से मुलाक़ात की। उन्होंने डॉक्टरों को उचित देखभाल के निर्देश दिए और भरोसा दिलाया कि घटना की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा। शुक्ला ने पुष्टि की कि 11 लोगों की मौत हुई है, लेकिन जो लोग इलाजरत हैं, वे अब ख़तरे से बाहर हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से अवैध शराब का सेवन न करने की अपील की है।
इनपुट: IANS



