दक्षिण कोरिया में न्यायिक सुधार: अभियोजकों की जांच शक्तियों पर लगी रोक, कैबिनेट ने दी मंजूरी
दक्षिण कोरिया में एक बड़े कानूनी बदलाव के तहत अब अभियोजकों के पास सीधे आपराधिक जांच करने का अधिकार लगभग खत्म हो जाएगा। मंगलवार को देश की कैबिनेट ने इस न्यायिक सुधार कानून को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी…
दक्षिण कोरिया में एक बड़े कानूनी बदलाव के तहत अब अभियोजकों के पास सीधे आपराधिक जांच करने का अधिकार लगभग खत्म हो जाएगा। मंगलवार को देश की कैबिनेट ने इस न्यायिक सुधार कानून को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी, जिसे राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने न्यायिक व्यवस्था को सामान्य और संतुलित बनाने की दिशा में एक अहम कदम बताया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव का मुख्य विपक्षी दल कड़ा विरोध कर रहा है।
यह नया कानून क्रिमिनल प्रोसीजर एक्ट में संशोधन करता है, जिसे पिछले हफ्ते ही नेशनल असेंबली ने पारित किया था। हालांकि, मुख्य विपक्षी दल 'पीपल पावर पार्टी' (पीपीपी) ने इस प्रक्रिया का बहिष्कार किया था। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब यह कानून लागू होने के लिए तैयार है।
जांच और अभियोजन की शक्तियों का बंटवारा
इस सुधार का मुख्य उद्देश्य जांच और कानूनी कार्रवाई की शक्तियों को अलग-अलग करना है। कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रपति ली ने कहा, "वर्षों से चली आ रही उस व्यवस्था में बदलाव का समय आ गया है, जिसमें अभियोजन पक्ष (प्रॉसिक्यूशन) के पास जांच और अभियोजन, दोनों की व्यापक शक्तियां थीं।" योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, नई व्यवस्था के तहत अब ज्यादातर आपराधिक मामलों की सीधी जांच पुलिस करेगी, जबकि अभियोजकों की भूमिका मुख्य रूप से मुकदमा चलाने और कानूनी कार्रवाई तक ही सीमित रहेगी।
विपक्ष का विरोध और सरकार का पक्ष
विपक्षी दल ने इस कानून को न्यायिक प्रणाली को कमजोर करने वाला कदम बताते हुए इसका पुरजोर विरोध किया था। पीपीपी ने राष्ट्रपति से इस विधेयक पर वीटो लगाने की भी मांग की थी। हालांकि, सरकार का कहना है कि यह सुधार किसी संस्था को कमजोर करने के लिए नहीं है। राष्ट्रपति ली ने स्पष्ट किया, "यह सुधार जांच और अभियोजन की भूमिकाओं को स्पष्ट रूप से अलग करने तथा न्यायिक व्यवस्था को अधिक निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि दशकों से अभियोजकों ने अपने "बहुत ज्यादा" अधिकार का इस्तेमाल किया, जिससे एक ऐसी प्रणाली बन गई थी जिसमें उन्होंने कभी-कभी सत्ता का दुरुपयोग कर कुछ मामलों को दबाया या निशाना बनाया।
इनपुट: IANS



