मंगलवार, 4 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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PoK में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग: एमनेस्टी इंटरनेशनल ने की स्वतंत्र जांच की मांग, सुरक्षाबलों पर गंभीर आरोप

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षाबलों द्वारा कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार…

PoK में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग: एमनेस्टी इंटरनेशनल ने की स्वतंत्र जांच की मांग, सुरक्षाबलों पर गंभीर आरोप
(फोटो: IANS)

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षाबलों द्वारा कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे प्रतिष्ठित मानवाधिकार संगठन ने अब पाकिस्तानी अधिकारियों से इस मामले में एक स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराने की अपील की है। संगठन ने रावलकोट से आ रही ख़बरों को परेशान करने वाला बताया है।

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एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अपने एक बयान में कहा कि PoK में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा "गैर-कानूनी हिंसा" का एक लंबा पैटर्न रहा है। संगठन ने एक्स (X) पर एक पोस्ट में कहा, “सुरक्षा बलों ने जिस तरह से निहत्थे लोगों को ताकत से चुप कराने की कोशिश की है उसके लिए स्वतंत्र और पारदर्शी जांच का आदेश दिया जाना चाहिए।” संस्था ने यह भी चिंता जताई कि जब तक इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर प्रतिबंध रहेगा, तब तक जमीनी हकीकत की स्वतंत्र रूप से पूरी जांच करने में रुकावट आएगी।

प्रदर्शनकारियों ने क्या आरोप लगाए?

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने PoK के बाघ इलाके में निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाईं और आंसू गैस के गोले दागे, जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे। कमेटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फुटेज साझा करते हुए लिखा, “सिक्योरिटी फोर्स बाघ में निहत्थे आम लोगों पर गोलियां दाग रहे थे और उन पर आंसू गैस का इस्तेमाल कर रहे थे।”

JAAC ने एक अन्य पोस्ट में मुजफ्फराबाद के मकरी इलाके का एक वीडियो साझा करने का दावा किया, जिसमें कथित तौर पर सुरक्षाकर्मी आम नागरिकों की मोटरसाइकिलों में आग लगाते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह नई घटनाएं PoK में चल रहे व्यापक प्रदर्शनों का हिस्सा हैं, जहां हाल के दिनों में 50 से अधिक लोगों के मारे जाने और सैकड़ों के घायल होने की खबरें हैं।

अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग

इन घटनाओं के बाद, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने संयुक्त राष्ट्र (UN), संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR), अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संस्थाओं से अपील की है। कमेटी ने मांग की ہے کہ वे PoK के बिगड़ते हालात पर करीबी नजर रखें, तुरंत और स्वतंत्र जांच के लिए दबाव डालें, और किसी भी गैर-कानूनी बल प्रयोग के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करें।

इनपुट: IANS

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