उत्तर प्रदेश: ऊर्जा, उद्योग और स्वास्थ्य पर विशेष ज़ोर, योगी सरकार ने पेश किया ₹59,019 करोड़ का अनुपूरक बजट
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया है। इस अतिरिक्त बजट का मुख्य केंद्रबिंदु राज्य में ऊर्जा क्षेत्र को मज़बूती…
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया है। इस अतिरिक्त बजट का मुख्य केंद्रबिंदु राज्य में ऊर्जा क्षेत्र को मज़बूती देना, औद्योगिक विकास को गति देना और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने मंगलवार को सदन में यह बजट प्रस्तुत किया।
बजट पेश किए जाने के दौरान विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के विधायक विभिन्न मुद्दों को लेकर वेल में आ गए और सरकार के खिलाफ़ नारेबाज़ी की, जिसका जवाब सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी अपने नारों से दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दौरान सदन में मौजूद रहे।
किन क्षेत्रों को मिली कितनी अतिरिक्त राशि?
इस अनुपूरक बजट में सबसे बड़ा हिस्सा भारी एवं मध्यम उद्योगों के लिए रखा गया है, जिन्हें पूंजीगत कार्यों के लिए करीब 20,905.88 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ऊर्जा क्षेत्र के लिए 4,722 करोड़ रुपये और समाज कल्याण विभाग के लिए 1,655 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे के विस्तार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए है।
स्वास्थ्य और कृषि पर भी ध्यान
स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर भी सरकार ने विशेष ज़ोर दिया है। एलोपैथी चिकित्सा के लिए राजस्व मद में 1,100 करोड़ और पूंजीगत मद में 96 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा परिवार कल्याण के लिए 704.25 करोड़ और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए 60.65 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिसमें कृषि विभाग को कुल 291.38 करोड़ रुपये (राजस्व और पूंजीगत मिलाकर) और उद्यान विभाग को 244.80 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शामिल है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
बजट पर सवाल उठाते हुए समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने सरकार से पूछा कि पहले स्वीकृत किए गए बजट का कितना हिस्सा इस्तेमाल हुआ है। उन्होंने कहा, "केवल नया बजट पेश करने से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा और सरकार को अपने पुराने दावों का भी जवाब देना चाहिए।" हंगामे के दौरान सपा सदस्यों ने 'चंदा चोर कहां मिलेंगे, भाजपा के दफ्तर में' के नारे लगाए, जिसके जवाब में भाजपा विधायकों ने 'टोटी चोर कहां मिलेंगे, सपा के दफ्तर में' के नारे लगाए।
इनपुट: IANS



